Kargil Vijay Diwas: कारगिल में शहीद हुए थे गाजीपुर के छह जवान, आज शहीदों के गांव के ऐसे हैं हालात
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कारगिल की लड़ाई में जिले के कुल छह जवान शहीद हुए थे। 15 जून 1999 को गाजीपुर जिले नंदगंज के बाघी गांव के नायक शेषनाथ सिंह यादव और बिरनो के भैरोपुर के सीएनएफ कमलेश सिंह शहीद हो गए। तीन जुलाई को भांवरकोल थाना क्षेत्र के पखनपुरा गांव के ग्रेनेडियर मुहम्मद इश्तियाक खां के भी शहीद होने की खबर मिली।
20 अगस्त को इसी थाना क्षेत्र के पंडितपुरा गांव के ग्रेनेडियर जयप्रकाश यादव और अगले ही दिन 21 अगस्त को मुहम्मदाबाद के पड़इनिया गांव के लांसनायक रामदुलार यादव शहीद हो गए। एक सितंबर को देवकली ब्लॉक के धनईपुर निवासी लांसनायक संजय कुमार सिंह यादव भी शहीद हुए।
गंदे पानी में डूबा रहता है शहीद के गांव का प्राथमिक स्कूल
कारगिल शहीद संजय कुमार यादव के पैतृक गांव धनईपुर शासन प्रशासन की ओर से कितना उपेक्षित है, इसका अंदाजा गांव के प्राथमिक स्कूल को ही देखकर लगाया जा सकता है। यह स्कूल करीब चार माह तक गंदे पानी में डूबा रहता है। वहीं, बाकी समय इसी बदबू से छात्रों को परेशानी होती है। शहीद स्मारक स्थल के पास ही प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालय स्थित है।
विद्यालय परिसर के सामने पूरे मैदान में गांव का गंदा पानी इकट्ठा होता है। पानी निकासी के लिए नाली की व्यवस्था न होने से हमेशा बदबू देता रहता है। बरसात के समय स्कूल का कुछ भाग भी पानी में डूब जाता है। छोटे छोटे बच्चों के उसी कीचड़युक्त जल में प्रवेश कर आना जाना पड़ता है। परिसर में हमेशा गंदा पानी भरा रहता है।
परिसर में पंचायत भवन भी मौजूद है। सपा शासनकाल में धनईपुर गांव सभा को ब्लाक बनाकर मुख्यालय धनईपुर गांव को बनाए जाने की चर्चा जोरशोर से चल रही थी, लेकिन सरकार के पतन के पश्चात यह मांग ठंडे बस्ते में चली गई। पिछले वर्ष शहीद दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में तत्कालीन उपजिलाधिकारी को अवगत कराया गया था। नाला निर्माण का आश्वासन भी मिला लेकिन काम कुछ भी नहीं हुआ।
शहीद के गांव जाने वाली सड़क की दशा दयनीय
कारगिल युद्ध में शहादत देने वाले कमलेश यादव के पैतृक गांव भैरोपुर तक जाने वाली सड़क की दशा बेहद दयनीय है। गाजीपुर-आजमगढ़ राज पर ढेबुआ के पास इस गांव में जाने के लिए शहीद गेट बना हुआ है। इसके बाद सड़क से यह गांव करीब एक किलोमीटर दूर है। कई साल पहले यहां के खड़ंजे को हटाकर पिच बनवाया गया।
इसके बाद से ही इसकी मरम्मत नहीं हुई। इस सड़क पर जगह- जगह गड्ढे हो गए है तथा बरसात में पानी भर जाने से काफी खतरनाक हो गए है। कई जगहों पर सिर्फ गिट्टीयां ही दिखाई दे रही है। इस पर बाइक से चलने वाले चालक आए दिन गिर कर चोटिल होते रहते है। यह गांव विकास के क्षेत्र में कई मायनों में पिछड़ा हुआ है। गांव में ग्राम पंचायत भवन का अभाव है। एएनएम सेंटर भी नहीं है जिससे महिलाओं को परेशानी उठानी पड़ती है। बिरनो थाना के सामने शहीद कमलेश यादव की प्रतिमा लगी हुई है जहां कारगिल विजय दिवस के दिन माल्यार्पण किया जाता है।
वीर नारी करती है शहीद के प्रतिमा की साफ-सफाई
शहीद शेषनाथ यादव की वीरनारी सरोज हमेशा गैस एजेंसी के पास बनाए गए प्रतिमा के पास हमेशा आती रहती है। शहादत के बाद सरकार ने पत्नी को धनराशि देने के साथ ही एक गबैंस एजेंसी भी दिया। नंदगंज में एजेंसी के पास एक छोटा उद्यान बना कर उसमें शहीद की आदमकद प्रतिमा स्थापित की गई है। शहीद की पत्नी सरोज हमेशा यहां आती रहती हैं और अपने बच्चों के साथ प्रतिमा की साफ-सफाई करती हैं। क्षेत्र के बाघी गांव के बलदेव सिंह यादव के पुत्र शेषनाथ यादव कारगिल की लड़ाई में 15 जून को देश की सेवा करते हुए बलिदान हो गए थे। कारगिल शहीद दिवस के अवसर पर 26 जुलाई को इस प्रतिमा के पास श्रद्धाजंलि सभा का आयोजन किया जाता है।