कारगिल विजय दिवस: रक्तदान कर महादानी बनने का मौका, कल बीएचयू समेत तीन अस्पतालों में लगेगा रक्तदान शिविर
जीवन में रक्तदान से बड़ा महादान और कोई नहीं हो सकता है। तमाम तरह की भ्रांतियों की वजह से अभी बहुत से लोग रक्तदान करने से कतराते हैं, लेकिन उन्हें नहीं मालूम कि रक्तदान करने से वह केवल एक नहीं बल्कि चार जिंदगियां बचा सकते हैं।
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घर, परिवार त्याग कर दिन-रात सरहद की सुरक्षा के लिए सतत सक्रिय रणबांकुरों के शौर्य और पराक्रम को याद करने के लिए देश भर में मंगलवार को कारगिल विजय दिवस मनाया जाएगा। वाराणसी में यह दिन और खास होगा। हर साल की तरह इस साल भी अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से कारगिल विजय दिवस यानी 26 जुलाई को बीएचयू समेत शहर के तीन अस्पतालों में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
जीवन में रक्तदान से बड़ा महादान और कोई नहीं हो सकता है। तमाम तरह की भ्रांतियों की वजह से अभी बहुत से लोग रक्तदान करने से कतराते हैं, लेकिन उन्हें नहीं मालूम कि रक्तदान करने से वह केवल एक नहीं बल्कि चार जिंदगियां बचा सकते हैं। अगर आप भी रक्तदान कर महादानी बनना चाहते हैं तो मंगलवार को बीएचयू अस्पताल, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा के साथ ही दीनदयाल अस्पताल के ब्लड बैंक पहुंचें।
रक्तदान करने वालों को मिलेगा प्रशस्ति पत्र
सड़क हादसों में घायल मरीजों के साथ ही गर्भवती महिलाओं के ऑपरेशन सहित अन्य घटनाओं में इलाज के समय मरीजों को रक्त की जरूरत होती है। सबसे ज्यादा समस्या तब होती है जब किसी को जरूरत पड़ने पर ब्लड बैंक से रक्त नहीं मिल पाता है। ऐसे में समय-समय पर लगने वाले रक्तदान शिविर में स्वैच्छिक रूप से रक्तदान करने वालों के प्रयास से जरूरतमंद लोगों की मदद हो आती है।
हर स्वस्थ व्यक्ति को करना चाहिए रक्तदान
प्राय: लोगों में इस तरह की भ्रांतियां रहती हैं कि खून देने से शरीर में कमजोरी आ जाएगी, इसलिए बहुत से लोग रक्तदान करने से कतराते हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। चिकित्सकों के मुताबिक, रक्तदान करने से सेहत पर कोई असर नहीं पड़ता है। रक्तदान करने वाला व्यक्ति पूरी तरह स्वस्थ होता है।
आईएमए सचिव डॉ आरएन सिंह ने कहा कि अस्पतालों में लोगों को खून की जरूरत पड़ती है ऐसे में अधिक से अधिक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। एक यूनिट रक्तदान से 4 लोगों की जान बचाई जा सकती है।
34वीं वाहिनी पीएसी (भुल्लनपुर) के कमांडेंट राजीव नारायण मिश्र ने कहा कि हर स्वस्थ व्यक्ति को रक्तदान करना चाहिए। साल भर में दो बार कम से कम रक्तदान करना चाहिए। ‘एक रक्तदान, बचाए चार जान’ को ध्यान में रखकर स्वैच्छिक रक्तदान कीजिए।