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कानपुर की घटना ने 2004 के चंदौली में हुए नक्सली हमले की दिलाई याद, मऊ में 2012 में शहीद हुए थे कोतवाल

Fri, 03 Jul 2020 10:30 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Fri, 03 Jul 2020 10:30 PM IST
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Kanpur incident reminds Naxalite attack of 2004 in Chandauli, Kotwal was martyred in Mau in 2012
Naxalite (Demo pic)

कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों के शहीद होने की सूचना शुक्रवार सुबह जिले के पुलिसकर्मियों को मिली तो वह स्तब्ध रह गए। पुलिसकर्मियों का कहना था कि किसी बदमाश को पकड़ने गई पुलिस टीम पर ऐसा हमला कभी नहीं हुआ।

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दीवानी कचहरी में अधिवक्ताओं और पुलिस कर्मियों में चर्चा थी कि 2010 से पहले जब पूर्वांचल के तीन जिलों में नक्सली सक्रिय थे, उस समय 20 नवंबर 2004 को चंदौली जिले के नौगढ़ क्षेत्र में हिनौत गांव में लैंड माइन विस्फोट किया गया था। इसमें पुलिस और पीएसी के 18 जवान शहीद हो गए थे।
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इसी तरह से मिर्जापुर के अहरौरा क्षेत्र के खोराडीह में 22 नवंबर 2001 को नक्सलियों ने हमला कर भारी मात्रा में असलहा और कारतूस लूट लिया था। नवंबर 2005 में गाजीपुर जिले में भाजपा विधायक कृष्णानंद राय हत्याकांड में सरकारी गनर और चालक भी मारे गए थे।

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2012 में मऊ में शहीद हुए थे कोतवाल गोविंद सिंह 
पुलिस और बदमाशों की आमने-सामने की मुठभेड़ की बात की जाए तो पूर्वांचल में आखिरी बार 18 अप्रैल 2012 को मऊ जिले के अवस्था इब्राहिम उर्फ मठिया गांव में कोतवाल गोविंद सिंह शहीद हुए थे। सवा पांच घंटे चली मुठभेड़ में दो बदमाश मारे गए थे। 

इससे पहले मार्च 2001 में मिर्जापुर जिले में लालगंज क्षेत्र की रजवाहा पुलिया के समीप बदमाशों से मुठभेड़ में वाराणसी के जैतपुरा थानाध्यक्ष अजय सिंह शहीद हो गए थे, जबकि तत्कालीन सारनाथ थानाध्यक्ष केपी सिंह और पहड़िया चौकी इंचार्ज रतन सिंह यादव घायल हो गए थे।

भीड़ के हमले में गई थी दीवान सुरेश वत्स की जान
भीड़ के हमले की बात की जाए तो 29 दिसंबर 2018 को गाजीपुर जिले में जाम लगाए लोगों ने करीमुद्दीनपुर थाने के दीवान सुरेश प्रताप वत्स को पीट-पीट कर मार डाला था।

इसके अलावा आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश देने गई पुलिस टीम पर वाराणसी जिले के जंसा थाना के हरसोस, फूलपुर क्षेत्र, रोहनिया क्षेत्र, लोहता सहित अन्य इलाकों में कई बार पथराव और हमले की घटनाएं हो चुकी हैं।

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