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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Kanha Goshala Submerged Plight of 150 Cattle Worsens Difficulty Sitting and Standing Due to Lack Dry Ground

कान्हा गोशाला जलमग्न: 150 गोवंश की बढ़ी मुश्किल, सूखी जगह के अभाव में बैठने-उठने में परेशानी; जलनिकासी की मांग

Sun, 27 Sep 2026 05:59 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sun, 27 Sep 2026 05:59 AM IST
सार

बलिया में लगातार बारिश के बाद कान्हा गोशाला जलमग्न हो गई है। यहां करीब 150 गोवंश के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। गोशाला में सूखी जगह नहीं होने से गोवंश के बैठने और उठने में दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गोशाला में जलभराव की समस्या दूर कराने और स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है।

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Kanha Goshala Submerged Plight of 150 Cattle Worsens Difficulty Sitting and Standing Due to Lack Dry Ground
बारिश में जलमग्न कान्हा गोशाला। - फोटो : संवाद

विस्तार

नगर पंचायत बैरिया की चांददीयर पंचायत में जयप्रभा सेतु के पास स्थित कान्हा गोशाला में बारिश के बाद जलभराव से करीब 150 गाय-बछड़ों की परेशानी बढ़ गई है। परिसर के कई हिस्सों में पानी और सीलन जमा होने के कारण गोवंश को बैठने और उठने के लिए पर्याप्त सूखी जगह नहीं मिल पा रही है। चारा, भूसा और हरा चारा उपलब्ध होने के बावजूद जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से पशुओं को दिक्कत झेलनी पड़ रही है।

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सरयू नदी के किनारे स्थित यह गोशाला नगर पंचायत बैरिया से करीब 12 किलोमीटर दूर है। गोशाला में तैनात कर्मचारियों के अनुसार यहां करीब 150 गाय और बछड़े हैं। पशुओं के लिए चारा, सूखा भूसा और हरा चारा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। साफ-सफाई के लिए कर्मचारी भी तैनात हैं। हालांकि बारिश के बाद परिसर के कुछ हिस्सों में पानी जमा हो गया है।

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स्थानीय लोगों के अनुसार जिस स्थान पर गोवंश को चारा दिया जाता है, वहां जलभराव नहीं है। लेकिन भोजन और पानी ग्रहण करने के बाद आराम करने के लिए पशुओं को पर्याप्त सूखी जगह नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गोशाला के निर्माण के समय परिसर में पर्याप्त मिट्टी डालकर उसे ऊंचा किया जाता और पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था रहती तो बारिश में यह समस्या नहीं आती।

ग्रामीणों ने गोशाला परिसर में जमा पानी की तत्काल निकासी कराने के साथ ही भविष्य में जलभराव रोकने के लिए स्थायी जलनिकासी व्यवस्था कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बेसहारा गोवंश को सुरक्षित आश्रय देने के उद्देश्य से संचालित गोशाला में पशुओं के रहने की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।

सीवीओ डॉ. विजय प्रकाश ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। इसे जल्द दिखवाया जा रहा है। पशुओं की सुरक्षा को लेकर जो भी आवश्यक उपाय होगा, वह किया जाएगा।

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