कल्पतरु दर्शन शिविर में पहुंचे स्वामी नित्यानंद
शिविर की शुरुआत होटल रमाडा प्लाजा के सारंगी हाल में सुबह सात बजे हुई। गुरु पूजा के बाद शिव पूजा की गई। इसके बाद कीर्तन और फिर सत्संग शुरू हुआ। भारतीय और विदेशी शिष्य-शिष्याओं से भरे सत्संग हाल में स्वामी नित्यानंद ने केनोपनिषद पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि इस दौर में दुनिया के हर इंसान को शांति की तलाश है। दुनिया अशांत है। वैदिक सभ्यता जब शुरू हुई थी, तब ऋषियों, मुनियों ने माना था कि शांति मानव की ही नहीं, हर जीव-जंतु की चाहत है। शांति से ही आनंद का जन्म होता है।
स्वामी ने कहा कि मौजूदा समय दुनिया में जितने हथियार इकट्ठा कर लिए गए हैं, उनसे संसार कुछ पलों में ही नष्ट हो सकता है। इसलिए वैदिक शिक्षा प्रणाली अपनाई जानी चाहिए ताकि लोग शांति के पथ पर अग्रसर हों। इसके बाद स्वामी नित्यानंद ने अनुयायियों को दर्शन दिया। लंबी कतार में लगकर लोगों ने बाबा का दर्शन किया। इस दौरान रुद्राक्षयुक्त धागे की माला कुछ युवा साधु भक्तों के गले में पहना रहे थे। उस माला में स्वामी नित्यानंद के चित्र वाला लॉकेट बना हुआ था।