संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय: संस्कृत में कमेंट्री के साथ पारंपरिक वेशभूषा में कबड्डी को बनाया यादगार
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में कबड्डी प्रतियोगिता हुई। इस दौरान श्री स्वामी वेदांती वेद विद्यापीठ ने खिताब जीता। इस दौरान संस्कृत में कमेंट्री के साथ पारंपरिक वेशभूषा में कबड्डी को यादगार बनाया।
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इयं कबड्डीक्रीडा प्रतियोगिता अतीव आनन्दप्रदा बलप्रदा बुद्धिप्रदा च विद्यते... अर्थात यह कबड्डी प्रतियोगिता अत्यंत आनंद प्रदान करने वाली तथा बल प्रदान करने वाली बुद्धि प्रदान करने वाली है। पश्य पश्य महदाश्चर्यं महदाश्चर्यम् अयं क्रीडकः अतीव विलक्षणं क्रीडति... अरे देखो देखो यह खिलाड़ी कितना विलक्षण खेल रहा है। अनेन क्रीडकेन अपरः क्रीडकः गृहीतः ... इस खिलाड़ी के द्वारा वह खिलाड़ी पकड़ लिया गया।
जी हां चौंकने की जरूरत नहीं है। यह किसी संस्कृत की कक्षा के संवाद नहीं हैं। यह खेल मैदान पर होने वाली कबड्डी प्रतियोगिता की कमेंट्री है। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के दीक्षांत लॉन में भारतीय ज्ञान परंपरा केंद्र की ओर से कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। शुक्रवार को पारंपरिक वेशभूषा में विद्यार्थियों ने कबड्डी खेली।
इसमें विश्वविद्यालय समेत संबद्ध महाविद्यालय की पांच टीमों ने हिस्सा लिया। फाइनल मुकाबला स्वामी वेदांती वेद विद्यापीठ तथा विश्वेश्वर वेद भवनम् के बीच हुआ। इसमें वेदांती वेद विद्यापीठ ने सर्वाधिक 24 अंक प्राप्त करके विजेता शील्ड पर कब्जा जमाया तथा विश्वेश्वर वेद भवनम् ने 19 अंक अर्जित करने के साथ ही दूसरा स्थान हासिल किया।
द्वितीय क्रम में स्वामी वेदांती वेद विद्यापीठ तीन अंकों से विजयी हुई। दूसरा मैच विश्वेश्वर वेद भवनम् तथा संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के बीच हुआ। विश्वेश्वर वेद भवनम् की टीम ने टॉस जीता। प्रथम क्रम में विश्वेश्वर वेद भवनम् की टीम ने जीत हासिल की। इस पारी के द्वितीय क्रम में भी विश्वेश्वर वेद भवनम् ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की।
तीसरा मैच इंटरनेशनल चंद्रमौली चैरिटेबल ट्रस्ट तथा वेद विद्यानिधि के मध्य हुआ। वेद विद्यानिधि की टीम ने टॉस जीतकर आक्रमणकारी को बुलाने का निर्णय किया। प्रथम क्रम में दोनों टीमों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए 14-14 समान अंक अर्जित किए तथा दूसरे क्रम के लिए पक्षों का परिवर्तन किया। दूसरे क्रम में वेद विद्यानिधि की टीम ने 24 अंक से जीत हासिल की।
तीनों मैचों के समापन के बाद स्वामी वेदांती वेद विद्यापीठ, विश्वेश्वर वेद भवनम्, श्री स्वामी नारायणानंद तीर्थ वेद विद्यालय तथा सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की टीम सेमीफाइनल में गई। खेल निर्णायक के रूप में डॉ. जयंतपति त्रिपाठी तथा डॉ. दुर्गेश पाठक थे।
विशिष्ट अतिथि प्रो. दिनेश गर्ग तथा प्रो. हरिप्रसाद अधिकारी थे। प्रथम विजेता टीम को शील्ड एवं प्रमाणपत्र कुलसचिव राकेश कुमार ने दिया। द्वितीय एवं तृतीय स्थान पाने वाली टीम को भी प्रमाणपत्र एवं चतुर्थ टीम को सांत्वना पुरस्कार के रूप में प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।
टीम में ये रहे खिलाड़ी
- श्री स्वामी नारायणानंद तीर्थ वेद विद्यालय की टीम में सत्यम पांडेय, दुर्गादत्त शुक्ल, विनीत दूबे, ऋषभ मिश्रा, आदित्य तिवारी, निखिल तिवारी, अंकित राज, सागर त्रिपाठी ने प्रतिभाग किया।
- स्वामी वेदांती वेद विद्यापीठ की टीम में अनुराग पांडेय, अभय तिवारी, सक्षम दुबे, तेज प्रताप पांडेय, ओमप्रकाश दुबे, उद्देश्य पांडेय, रुद्र पांडेय, अमित मिश्रा ने प्रतिभाग किया।
- संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की टीम में सोनू तिवारी, दिनेश तिवारी, राज दूबे, अनिकेत मिश्रा, ऋषिकेश तिवारी रहे।
- इंटरनेशनल चंद्रमौली चैरिटेबल ट्रस्ट की टीम में सागर पांडेय, शोभित चौबे, हिमांशु मिश्रा, प्रियांशु तिवारी, शिवम तिवारी रहे।
- श्री विश्वेश्वरवेद भवनम् की टीम में रोशन मिश्रा, कृष त्रिपाठी, अमर द्विवेदी, राघव मिश्रा, शिवांशु शर्मा, विशाल पांडेय, गोपाल शुक्ल रहे।
- वेदविद्यानिधी की टीम में सचिन तिवारी, उदय नारायण तिवारी, राघवेंद्र त्रिपाठी, शिवेंद्र पांडेय, संस्कार पांडेय रहे।