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काशी में भैरव अष्टमी पर कटा 601 किलो का केक, बाबा का हुआ रुद्राक्ष श्रृंगार
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sat, 01 Dec 2018 12:18 PM IST
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भूतभैरव बाबा का किया गया श्रृंगार
- फोटो : amar ujala
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काशी में भैरव अष्टमी पर सभी भैरव मंदिरों में आयोजन किया गया। बाबा काल भैरव का पंचामृत स्नान करने के बाद 601 किलो का केक काटा गया और भंडारा का आयोजन किया गया। बटुक भैरव मंदिर में रुद्राक्ष से श्रृंगार किया गया। कालभैरव मंदिर में ब्रह्म मुहुर्त में बाबा का पंचामृत स्नान कराया गया।
आयोजक नवीन गिरी ने बताया कि बाबा का विधि विधान से श्रृंगार किया गया। पूजन के बाद मलाइयों और पूड़ी-हलवा का प्रसाद बांटा गया। वहीं बाद में चूड़ा-मटर बांटा गया। शाम के समय भजन संध्या का आयोजन किया गया। जहां लोगों ने भजन कीर्तन का आनन्द लिया।
कमच्छा स्थित प्राचीन बटुक भैरव मन्दिर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी शुक्रवार को भैरव अष्टमी के अवसर पर कमच्छा स्थित बाबा बटुक भैरव जी का भव्य रुद्राक्ष श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर दिव्य झांकी का नयनाभिराम दर्शन हजारों श्रद्धालुओं ने किया।
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प्रात: 5 बजे बाबा का रुद्राभिषेक के बाद मंगला आरती महंत भास्कर पुरी के देख रेख में 11 बटुकों द्वारा सम्पन्न कराई गई। इसी के साथ दर्शनार्थियों द्वारा बाबा के दर्शन का क्रम शुरू हुआ। मंगला आरती के बाद सुबह 10 बजे बाबा को विशेष स्नान कराने के बाद भव्य श्रृंगार किया गया।
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आयोजक नवीन गिरी ने बताया कि बाबा का विधि विधान से श्रृंगार किया गया। पूजन के बाद मलाइयों और पूड़ी-हलवा का प्रसाद बांटा गया। वहीं बाद में चूड़ा-मटर बांटा गया। शाम के समय भजन संध्या का आयोजन किया गया। जहां लोगों ने भजन कीर्तन का आनन्द लिया।
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कमच्छा स्थित प्राचीन बटुक भैरव मन्दिर में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी शुक्रवार को भैरव अष्टमी के अवसर पर कमच्छा स्थित बाबा बटुक भैरव जी का भव्य रुद्राक्ष श्रृंगार किया गया। इस अवसर पर दिव्य झांकी का नयनाभिराम दर्शन हजारों श्रद्धालुओं ने किया।
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प्रात: 5 बजे बाबा का रुद्राभिषेक के बाद मंगला आरती महंत भास्कर पुरी के देख रेख में 11 बटुकों द्वारा सम्पन्न कराई गई। इसी के साथ दर्शनार्थियों द्वारा बाबा के दर्शन का क्रम शुरू हुआ। मंगला आरती के बाद सुबह 10 बजे बाबा को विशेष स्नान कराने के बाद भव्य श्रृंगार किया गया।
पंचमकार का भोग किया गया अर्पित
कालभैरव बाबा का किया गया श्रृंगार
- फोटो : amar ujala
दोपहर 12 बजे 1008 बटुकों द्वारा भोजन करने के बाद श्रद्धालुओं के लिये अखंड भंडारे का आयोजन किया गया, जो देर रात तक चलता रहा, जहां हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। रात्रि 8 बजे 1008 बत्तियों की महाआरती के बाद पंचमकार (मीट, मछली, पूड़ी, बढ़ा और मदिरा) का भोग अर्पित किया गया।
वहीं भैरव अष्टमी पर गोविंदेश्वर महादेव समिति की ओर से कोडमदेश्वर भैरव का श्रृंगार और पूजन किया गया। कार्यक्रम का समापन भव्य आरती के साथ किया गया। वहीं बड़ी शीतला धाम मंदिर स्थित बड़ी शीतला मंदिर में भी आदि काल भैरव नाथ केदार खंड में बाबा का श्रृंगार किया गया। इस दौरान बाबा का अभिषेक अर्चन आदि की गई। वहीं लाट भैरव काशी यात्रा मंडल की ओर से शुक्रवार को यात्रा निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।
वहीं भैरव अष्टमी पर गोविंदेश्वर महादेव समिति की ओर से कोडमदेश्वर भैरव का श्रृंगार और पूजन किया गया। कार्यक्रम का समापन भव्य आरती के साथ किया गया। वहीं बड़ी शीतला धाम मंदिर स्थित बड़ी शीतला मंदिर में भी आदि काल भैरव नाथ केदार खंड में बाबा का श्रृंगार किया गया। इस दौरान बाबा का अभिषेक अर्चन आदि की गई। वहीं लाट भैरव काशी यात्रा मंडल की ओर से शुक्रवार को यात्रा निकाली गई। जिसमें बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए।