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गोल्डन कार्ड होने के बाद भी लाभ नहीं, बीएचयू में ऑपरेशन नहीं हुआ तो घर चली गई ज्योति
Fri, 28 Feb 2020 04:38 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Fri, 28 Feb 2020 04:38 PM IST
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अस्पताल में भर्ती ज्योति।
- फोटो : अमर उजाला।
बीएचयू के सर सुंदरलाल अस्पताल में के कार्डियोथोरेसिक विभाग के वार्ड में 16 दिन तक भर्ती होने के बाद जब ऑपरेशन नहीं हुआ तो ज्योति निराश होकर अपने घर लौट गई। 26 फरवरी को ही उसे डिस्चार्ज कर दिया गया था लेकिन आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से वह घर जाने को तैयार नहीं थी।
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ऐसा तब हुआ जब तीन बार बीएचयू अस्पताल के संबंधित विभाग से उसके ऑपरेशन की तिथि निर्धारित की गई लेकिन दवा, जरूरी सामान के अभाव में उसका ऑपरेशन नहीं हो सका।
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चंदौली निवासी ज्योति के पास आयुष्मान योजना का गोल्डन कार्ड भी था। परिजनों ने अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक से लेकर डीएम और सीएमओ कार्यालय तक भागदौड़ की। कार्डियोथारेसिक वार्ड में 11 फरवरी से भर्ती ज्योति के ऑपरेशन की डेट पहले 14 और फिर 19 फरवरी को तय हुई। डॉक्टर ने दवा और ऑपरेशन में लगने वाले जरूरी सामान की व्यवस्था करने को कहा।
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पास में गोल्डन कार्ड तो था परिजन फार्मेसी दवा लेने पहुंचे लेकिन दवा नहीं मिली और ऑपरेशन टल गया। ज्योति के परिजन धर्मेंद्र सिंह ने बुधवार को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी, एमएस, सीएमओ को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई थी। जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो गुरुवार को ज्योति को लेकर घर चले गए।