फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Jyeshtha Purnima 2024 Lord Jagannath bath with water in ganga three idols were duly worshipped

Jyeshtha Purnima 2024: 108 मटकों के जल से भगवान जगन्नाथ ने किया स्नान, तीनों विग्रहों का सविधि हुआ पूजन-अर्चन

Sat, 22 Jun 2024 11:24 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sat, 22 Jun 2024 11:24 AM IST
सार

Varanasi News: डोली यात्रा गाजे-बाजे के साथ अस्सी से निकलकर दुर्गाकुंड, नवाबगंज, राममंदिर, कश्मीरीगंज, खोजवां, शुंकुलधारा, बैजनत्था, कमच्छा से पंडित बेनीराम बाग, शापुरी भवन के लिए प्रस्थान करेगी। इसके साथ ही सात जुलाई से नौ जुलाई तक तीन दिवसीय रथयात्रा मेला भी शुरू हो जाएगा।

विज्ञापन
Jyeshtha Purnima 2024 Lord Jagannath bath with water in ganga three idols were duly worshipped
भगवान जगन्नाथ। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भगवान और भक्त के भावपूर्ण रिश्ते की आत्मीयता साक्षात देखने को मिली। अस्सी घाट स्थित भगवान जगन्नाथ के मंदिर में नाथों के नाथ भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा को जेठ मास की तपिश से निजात दिलाने के लिए गंगाजल से स्नान कराया गया। 

विज्ञापन


भगवान जगन्नाथ भक्तों के प्रेम में जलाभिषेक के बाद बीमार हो जाएंगे। काशी के लक्खा मेले में शुमार रथयात्रा मेले की शुरुआत भगवान जगन्नाथ, भइया बलभद्र और बहन सुभद्रा के गंगा स्नान से हुई। अस्सी घाट पर भक्त भगवान को गर्मी की तपिश से राहत दिलाने के लिए गंगाजल से स्नान कराया।
विज्ञापन




सुबह से शाम तक भक्तों के स्नान के कारण भगवान की तबीयत बिगड़ जाएगी और रथयात्रा के परंपरागत लोकाचारों के अनुपालन में वह 14 दिनों के विश्राम पर जाएंगे। प्रभु जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र को मंदिर के गर्भगृह की छत पर उत्तर पूर्व स्थित स्नान वेदी पर विराजमान कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन




सूर्योदय के साथ तीनों विग्रहों का सविधि पूजन-अर्चन होगा। आरती के बाद पंच पल्लव मिश्रित गंगा जल के 108 मटकों से स्नान होगा। इसके बाद भक्त प्रभु को स्नान कराएंगे और स्नान करते-करते रात तक प्रभु बीमार हो जाएंगे। उसके बाद स्वास्थ्य लाभ के लिए भगवान 15 दिनों तक आराम करेंगे। 



पांच जुलाई तक मंदिर के कपाट बंद रहेंगे। इसके बाद श्वेत वस्त्र में भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र भक्तों को दर्शन देंगे।



प्रभु के प्रकट होने पर मंगला आरती स्तुति, भजन के साथ ही श्री विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ होगा। इसके बाद आठ बजे नैवेद्य स्वरूप परवल का रस दिया जाएगा। छह जुलाई को भगवान के विग्रहों को डोली में विराजमान कर यात्रा निकाली जाएगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed