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Varanasi News: बीएचयू और बीजिंग के बीच बौद्ध शिक्षा पर संयुक्त रिसर्च, शुरू होंगे डिग्री और डिप्लोमा कोर्स

Thu, 30 Apr 2026 01:16 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 30 Apr 2026 01:16 AM IST
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Joint research on Buddhist education between BHU and Beijing, degree and diploma courses to be started
बीएचयू चीन के साथ मिलकर संयुक्त रिसर्च, डिग्री और डिप्लोमा कोर्स शुरू होंगे। एक-दूसरे के स्टडी मैटेरियल्स और सूचनाएं भी साझा की जाएंगी। इसके लिए पाली अध्ययन में शोध के लिए बुधवार को बीएचयू ने चीन के बीजिंग फॉरेन स्टडीज यूनिवर्सिटी के साथ समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारी की शुरुआत करते हुए ऑनलाइन माध्यम से दोनों विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधिमंडलों की डिजिटल उपस्थिति भी रही।
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बीएचयू के केंद्रीय कार्यालय और बीजिंग फॉरेन स्टडीज यूनिवर्सिटी के ईस्ट कैंपस स्थित एडमिनिस्ट्रेशन टॉवर में एक साथ ऑनलाइन हस्ताक्षर समारोह का कार्यक्रम चला। समझौते पर बीजिंग फॉरेन स्टडीज यूनिवर्सिटी की ओर से उपाध्यक्ष प्रो. चाऊ कांग और बीएचयू से कुलसचिव प्रो. अरुण कुमार सिंह ने हस्ताक्षर किए। यहां पर बीएचयू से डीन प्रो. सुषमा घिल्डियान सहित चीन के प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहे। समझौते में पाली और संबंधित विषयों में शैक्षणिक और शोध गतिविधियों के प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इसके अंतर्गत विद्यार्थी, शोधार्थी और संकाय सदस्यों को एक-दूसरे संस्थानों में जाकर शिक्षा देने और शोध करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही संयुक्त डिप्लोमा और डिग्री कार्यक्रमों को शुरू किया जाएगा। वहीं, स्टडी मटेरियल और सूचनाओं का भी हस्तांतरण किया जाएगा।
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कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने कहा कि बीएचयू में कला, विज्ञान, वाणिज्य, प्रबंधन और कृषि जैसे कई विषयों के करीब 140 विभाग संचालित हैं। प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि पाली और बौद्ध अध्ययन विभाग हमें हमारी ऐतिहासिक जड़ों से जोड़ता है। बीएचयू में पाली विभागाध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार यादव ने बताया कि दोनों विश्वविद्यालयों के बीच हुआ यह समझौता शैक्षणिक और शोध सहयोग पर केंद्रित है, जिसके माध्यम से दोनों संस्थानों की विशेषज्ञता को एक मंच पर लाकर बड़ी उपलब्धियां प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।
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चीन में 2012 में शुरू हुआ था संस्कृत-पाली का अध्ययन
बीजिंग फॉरेन स्टडीज यूनिवर्सिटी के उपाध्यक्ष प्रो. चाऊ कांग ने कहा कि यह दोनों देशों के लिए बहुत जरूरी है। बीजिंग फॉरेन स्टडीज यूनिवर्सिटी पाली अध्ययन में अग्रणी संस्थान रहा है और पाली साहित्य के कई प्रमुख ग्रंथों के अनुवाद और संपादन में बड़ा योगदान देता रहा है। विश्वविद्यालय का संस्कृत और पाली अध्ययन कार्यक्रम वर्ष 2012 में शुरू हुआ था, जिसने इस क्षेत्र में कई उत्कृष्ट विशेषज्ञ तैयार किए हैं। उन्होंने कहा कि वाराणसी एक पवित्र नगरी है और वे भविष्य में काशी हिंदू विश्वविद्यालय आने के इच्छुक हैं।
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