{"_id":"59a300554f1c1ba1248b46bb","slug":"joint-director-including-four-person-of-mandi-council-of-gorakhpur-zone-suspended","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"गोरखपुर जोन के संयुक्त मंडी परिषद के निदेशक सहित चार निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोरखपुर जोन के संयुक्त मंडी परिषद के निदेशक सहित चार निलंबित
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 27 Aug 2017 10:54 PM IST
विज्ञापन
suspend
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काम में अनियमितता के आरोप में गोरखपुर जोन के मंडी परिषद के संयुक्त निदेशक पीसी जैन सहित चार लोगों निलंबित कर दिया गया है। मंडी परिषद के निदेशक धीरज कुमार ने इसकी पुष्टि की है।
गोंडा में मंडी परिषद के उप निदेशक (निर्माण) पद पर पीसी जैन के कार्यकाल के दौरान कई कार्यों में जमकर मनमानी हुई। शिकायत पर जांच हुई और इसकी रिपोर्ट मंडी परिषद निदेशक को सौंपी गई। इसी के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
पीसी जैन इस समय मंडी परिषद के संयुक्त निदेशक (निर्माण) पद पर गोरखपुर जोन में तैनात हैं। इस जोन में आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर और इलाहाबाद मंडल आते हैं।
विज्ञापन
नवीन मंडी स्थल गोंडा में दूकानें, चहारदीवारी, कैंटीन निर्माण समेत कई कार्य आठ सितंबर, 2010 से लेकर 31 मई, 2011 के बीच हुए। इनकी अनुमानित लागत एक करोड़ 24 लाख के सापेक्ष एक करोड़ 27 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
इसी प्रकार 16 फरवरी, 2014 से एक जुलाई, 2014 के बीच हुए नीलामी चबूतरों की मरम्मत और सड़कों के पैच वर्क के कार्य की अनुबंधित लागत लगभग 17 लाख रुपये थी जिसके सापेक्ष 29 लाख 67 हजार रुपये का भुगतान किया गया।
विज्ञापन
गोंडा में मंडी परिषद के उप निदेशक (निर्माण) पद पर पीसी जैन के कार्यकाल के दौरान कई कार्यों में जमकर मनमानी हुई। शिकायत पर जांच हुई और इसकी रिपोर्ट मंडी परिषद निदेशक को सौंपी गई। इसी के आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
विज्ञापन
पीसी जैन इस समय मंडी परिषद के संयुक्त निदेशक (निर्माण) पद पर गोरखपुर जोन में तैनात हैं। इस जोन में आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर और इलाहाबाद मंडल आते हैं।
विज्ञापन
नवीन मंडी स्थल गोंडा में दूकानें, चहारदीवारी, कैंटीन निर्माण समेत कई कार्य आठ सितंबर, 2010 से लेकर 31 मई, 2011 के बीच हुए। इनकी अनुमानित लागत एक करोड़ 24 लाख के सापेक्ष एक करोड़ 27 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
इसी प्रकार 16 फरवरी, 2014 से एक जुलाई, 2014 के बीच हुए नीलामी चबूतरों की मरम्मत और सड़कों के पैच वर्क के कार्य की अनुबंधित लागत लगभग 17 लाख रुपये थी जिसके सापेक्ष 29 लाख 67 हजार रुपये का भुगतान किया गया।
पहड़िया मंडी में हुए कार्यों की जांच के लिए टीम गठित
सस्पेंड
वाराणसी के पहड़िया मंडी में करीब 21 करोड़ की लागत से चल रहे निर्माण कार्यों की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। मंडी निदेशक धीरज कुमार ने बताया कि उन्होंने कार्यों की फाइल मंगा ली है और जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है।
अनियमितता मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पिछले दिनों धीरज कुमार ने पहड़िया मंडी का दौरा किया था। इस दौरान बडे़ पैमाने पर गड़बड़ी और अनियमितता की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। यही नहीं संबंधित ठेकेदारों का भुगतान रोकने का भी आदेश जारी किया था।
अनियमितता मिलने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पिछले दिनों धीरज कुमार ने पहड़िया मंडी का दौरा किया था। इस दौरान बडे़ पैमाने पर गड़बड़ी और अनियमितता की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। यही नहीं संबंधित ठेकेदारों का भुगतान रोकने का भी आदेश जारी किया था।