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जेएनयू प्रकरण ने बढ़ा दी प्रशासन की चुनौती
ब्यूरो, अमर उजाला वाराणसी
Updated Thu, 18 Feb 2016 02:01 AM IST
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प्रशासन को इस बात की ज्यादा चिंता है कि जेएनयू विवाद और रोहित वेमुला प्रकरण से नाराज छात्र कहीं पीएम को काला झंडा न दिखा दें। मालूम हो कि इस देशव्यापी मुद्दे को लेकर बीएचयू परिसर भी गर्म है।
जेएनयू और बीएचयू के भगवाकरण को लेकर युवक कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन पहले ही पीएम के विरोध का एलान कर चुके हैं। संदीप पांडेय का प्रकरण भी अभी ठंडा नहीं हुआ है। विश्वविद्यालय का ही एक बड़ा तबका बीएचयू स्थापना दिवस पर परिसर में आरएसएस के पथ संचलन से नाराज है। बता दें कि बनारस में विकलांगों को उपकरण बांटकर पीएम जब लखनऊ में दीक्षांत समारोह में पहुंचे तो वहां रोहित वेमुला प्रकरण पर उन्हें छात्र संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ा था। इस दफा बीएचयू में दीक्षांत है और जेएनयू प्रकरण का मुद्दा गर्म है।
बीएचयू में सक्रिय छात्र संगठनों से जुड़े नेताओं की गतिविधियों पर खुफिया तंत्र की निगाह लगी हुई है। मंगलवार की बैठक में कमिश्नर और आईजी ने पुलिस और प्रशासन को हिदायत दे दी है कि पीएम के कार्यक्रम में किसी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए।
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जेएनयू और बीएचयू के भगवाकरण को लेकर युवक कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन पहले ही पीएम के विरोध का एलान कर चुके हैं। संदीप पांडेय का प्रकरण भी अभी ठंडा नहीं हुआ है। विश्वविद्यालय का ही एक बड़ा तबका बीएचयू स्थापना दिवस पर परिसर में आरएसएस के पथ संचलन से नाराज है। बता दें कि बनारस में विकलांगों को उपकरण बांटकर पीएम जब लखनऊ में दीक्षांत समारोह में पहुंचे तो वहां रोहित वेमुला प्रकरण पर उन्हें छात्र संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ा था। इस दफा बीएचयू में दीक्षांत है और जेएनयू प्रकरण का मुद्दा गर्म है।
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बीएचयू में सक्रिय छात्र संगठनों से जुड़े नेताओं की गतिविधियों पर खुफिया तंत्र की निगाह लगी हुई है। मंगलवार की बैठक में कमिश्नर और आईजी ने पुलिस और प्रशासन को हिदायत दे दी है कि पीएम के कार्यक्रम में किसी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए।
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