जौनपुरः स्वास्थ्य विभाग की उपेक्षा से एक गांव के 47 लोग फूड प्वाइजिंग व कोल्ड डायरिया के शिकार
जौनपुर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था किस कदर बेपटरी है इस हकीकत का अंदाजा इस घटना से लगाया जा सकता है कि विकास खंड रामनगर के जुड़पुर गांव के 47 लोग पांच दिनों से फूड प्वाइजिंग व कोल्ड डायरिया के शिकार होकर तड़प रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से बेखबर है। इसमे से 25 प्रभावितों का निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
गांव के दयाशंकर गिरी के यहां 13 दिसंबर को तेरहवीं का कार्यक्रम था। ग्रामीणों ने बीते 13 दिसंबर को इस कार्यक्रम के दौरान भोजन किया। भोजन करने के कुछ घंटों के पश्चात ही लोगों को उल्टी व दस्त होना शुरू हो गई। पहले तो क्षेत्र के ही झोलाछाप डॉक्टरों के यहां उपचार कराया गया, लेकिन जब उन्हें आराम नहीं हुआ तो वे लोग निजी अस्पतालों में उपचार के लिए जाना शुरू कर दिये, लेकिन ग्रामीणों के स्वास्थ्य में सुधार नही हो रहा था।
हैरानी इस बात की है कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के फूड प्वाइजिंग व कोल्ड डायरिया के शिकार होने के बावजूद स्थानीय स्वास्थ्य महकमे को पांच दिन तक भनक तक नहीं लगी। हालत ज्यादा बिगड़ने पर बुधवार को गांव के 25 लोगों का निजी अस्पताल में उपचार होने लगा।
जिसमें गांव के ही शनि सरोज 17वर्ष, आशीष यादव 21वर्ष, राजू सरोज 20 वर्ष, विपिन 16 वर्ष, शिवपूजन 22वर्ष, भीम सरोज20वर्ष, रोहित यादव10 वर्ष विकास गिरी 6 वर्ष, पूजा वनवासी 7 वर्ष, अनिल बनवासी 21 वर्ष गोलू यादव 9 वर्ष,विशाल सरोज 8 वर्ष, सुंदर प्रजापति 9 वर्ष,फूलपत्ती देवी 60 वर्ष,विकाश पाल 16 वर्ष शनि 18 वर्ष,राजू 17 वर्ष सहित 47 लोगों का उपचार चल रहा है। भोलू प्रजापति की स्थिति गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया हैं।
वही मंगलवार दोपहर पांचवे दिन स्वास्थ्य विभाग टीम ने जूड़पुर गांव के मुसहर बस्ती में पहुचकर 22 लोगों का उपचार किया और बस्ती में क्लोरीन की दवाइयां वितरित किये।वही स्वास्थ्य टीम में डॉ. राकेश शर्मा,संदीप उपाध्याय,कस्तूरा देवी,पूजा ,स्वास्थ्य टीम में मौजूद थे।
निजी अस्पताल में उपचार कर रहे डॉक्टर ने बताया कि फूड प्वाइजिंग के कारण कोल्ड डायरिया की शिकायत है। वहीं इस संदर्भ में चिकित्सा प्रभारी रामनगर डॉ. सिंह ने बताया कि बुधवार दोपहर को सूचना मिलने पर जब स्वास्थ्य टीम गांव में पहुंची तो 47 लोग फूड प्वाइजिंग के गिरफ्त में मिले। जिसमे से मुसहर बस्ती में मौजूद 22 लोगों का स्वास्थ्य टीम ने उपचार किया और क्लोरीन की दवाइयां वितरित की गई और 25 लोगों का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।