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जसिंता को डॉ. रविशंकर युवा कविता पुरस्कार
वाराण्ासी, ब्यूरो
Updated Wed, 20 May 2015 02:04 AM IST
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वाराणसी। झारखंड की हिंदी युवा कवयित्री व पत्रकार जसिंता केरकेट्टे को बीएचयू के हिंदी विभाग के शोध छात्र रहे डा. रविशंकर उपाध्याय की स्मृति में युवा कविता सम्मान से नवाजा गया।
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जसिंता को ये सम्मान मंगलवार को हिंदी विभाग और डा. रविशंकर उपाध्याय स्मृति संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में दिया गया। पुरस्कार के तौर पर जसिंता को प्रशस्ति पत्र, शॉल और पांच हजार रुपये की राशि भेंट की गई।
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समारोह के मुख्य अतिथि हिंदी के वरिष्ठ कवि ज्ञानेंद्र पति ने पुरस्कार देते हुए कहा कि जसिंता की कविताओं में प्रतिरोधी चेतना के विविध रूप मिलते हैं। उन्होंने जसिंता को झारखंड की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक उपलब्धि बताते हुए हिंदी कविता के परिसर को लोकतांत्रिक और ऊर्जावान बनाने वाला बताया।
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जसिंता ने आदिवासी संस्कृति के रूमानी छवि को तोड़ा है। विशिष्ट अतिथि कवि मदन कश्यप ने कहा कि जसिंता अपने समाज के संघर्ष को अलग पहचान देने वाले कवयित्री के रूप में महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने रामदयाल मुंडा की चेतना को विस्तार देने का काम किया।
चर्चित कथाकार अखिलेश ने कहा कि जसिंता को पुरस्कृत कर न केवल संस्थान गौरव का अनुभव कर रहा है बल्कि इससे रविशंकर की काव्य चेतना को विस्तार मिला है। अध्यक्षता कला संकाय प्रमुख प्रो. कुमार पंकज ने की। संचालन कार्यक्रम संयोजक श्रीप्रकाश शुक्ल और धन्यवाद ज्ञापन संस्था के सचिव वंशीधर उपाध्याय ने किया। इसके पूर्व अतिथियों का स्वागत प्रभाकर सिंह ने किया।
अध्यक्ष रामकीर्ति शुक्ल ने प्रशस्ति वाचन किया। इस अवसर पर ‘हिंदी कविता का आदिवासी परिसर’ विषय पर परिचर्चा भी हुई जिसमें शोध छात्रों ने अपने विचार रखे। इस अवसर पर पटना के जगदीश्वर पांडेय, डा. बलराज पांडेय, डा. अवधेश प्रधान, चंद्रकला त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।