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मौजूदा बनारस की पांच सीटों पर जनता पार्टी हुुई थी काबिज
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सन 1977 में लोकसभा का कार्यकाल नवंबर में खत्म होने वाला था। लेकिन आपातकाल के दौर में सरकार के इशारे पर चुनाव आयोग ने 18 जनवरी को चुनाव की घोषणा करके देशवासियों और विपक्ष दोनों को चकित कर दिया था। चुनाव हुआ लेकिन परिणाम कांग्रेस के अनुकूल नहीं थे। पूर्व विधायक शतरुद्र प्रकाश ने बताया कि पहले लोकसभा फिर विधानसभा का चुनाव हुआ। मौजूदा बनारस की छह में से पांच सीटों पर जनता पार्टी का कब्जा था, जबकि एक सीट कोलअसला पर सीपीआई के उम्मीदवार उदल जीते थे। उस समय के लोगों का कहना है कि आपातकाल के समय जनता का तूफान था।
आपातकाल के बाद कांग्रेस को पूरे प्रदेश के साथ-साथ वाराणसी में भी खराब दौर से गुजरना पड़ा। 1977 के विधानसभा चुनाव में विपक्ष ने एकजुट होकर जनता पार्टी बनाई। इसके बैनरतले चुनाव में मौजूदा जिले की चार सीटों पर कांग्रेस मुख्य प्रतिद्वंद्वी रही, मगर एक भी सीट नहीं जीत सकी। उस समय कैंट से चुनाव जीतने वाले पूर्व विधायक शतरुद्र प्रकाश ने कहा कि 1977 का मत पूछिए उस समय तो जनता का तूफान था। इस समय जो बनारस जिला है, उस हिसाब से एक भी सीट कांग्रेस नहीं जीती थी। केवल हम लोगों ने नामांकन किया था। इसके बाद प्रचार में लग गए थे। दूसरी पार्टी के लोग भी सरकार की तानाशाही के खिलाफ थे। दूसरी पार्टी के पोलिंग एजेंट भी जनता पार्टी के प्रत्याशियों को वोट दे रहे थे। केवल जॉर्ज फर्नांडीज जेल से चुनाव लड़े थे, जबकि बाकी लोग बाहर हो गए थे।
विधानसभा चुनाव 1977 में प्रदेश में दलों का समीकरण
उत्तर प्रदेश में चार राष्ट्रीय दल सीपीआई, सीपीएम, कांग्रेस, जनता पार्टी मैदान में थे, जबकि तीन राज्यस्तरीय दल ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लाक, मुसलिम लीग, रेवोलेशनरी सोशलिस्ट पार्टी चुनाव मैदान में थे। इसके अलावा सात अपंजीकृत दल चुनाव मैदान में थे। इस चुनाव में प्रदेश की 425 सीटों में से 352 पर जनता पार्टी ने जीत दर्ज की। कांग्रेस मात्र 47 सीटों पर रह गई और 16 पर निर्दलीय जीते। बाकी अन्य पार्टियों को दस सीटों पर ही संतोष करना पड़ा।
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1977 में हुए विस चुनाव में जिले की स्थिति
-कैंट सीट से जनता पार्टी के शतरुद्र प्रकाश ने कांग्रेस के किरण कुमार शर्मा को 15,717 वोटों से हराया था।
-दक्षिणी सीट से जनता पार्टी के राजबली तिवारी ने कांग्रेस के राजकुमार को 22,733 वोटों से हराया था।
-उत्तरी सीट से जनता पार्टी के मुस्ताक अहमद ने कांग्रेस के अब्दुल अजीज को 23100 वोटों से हराया था
-चिरईगांव सीट से जनता पार्टी के उदयनाथ ने निर्दलीय खरबन को 15,582 वोटों से हराया था।
-कोलअसला सीट से सीपीआई के उदल ने जनता पार्टी के निहाला सिंह को 9878 वोटों से हराया था।
-गंगापुर सीट से जनता पार्टी के बलदेव ने कांग्रेस के रामसागर को 16536 वोटों से हराया था।
(नोट-उक्त आंकड़े चुनाव आयोग के अनुसार)
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आपातकाल के बाद कांग्रेस को पूरे प्रदेश के साथ-साथ वाराणसी में भी खराब दौर से गुजरना पड़ा। 1977 के विधानसभा चुनाव में विपक्ष ने एकजुट होकर जनता पार्टी बनाई। इसके बैनरतले चुनाव में मौजूदा जिले की चार सीटों पर कांग्रेस मुख्य प्रतिद्वंद्वी रही, मगर एक भी सीट नहीं जीत सकी। उस समय कैंट से चुनाव जीतने वाले पूर्व विधायक शतरुद्र प्रकाश ने कहा कि 1977 का मत पूछिए उस समय तो जनता का तूफान था। इस समय जो बनारस जिला है, उस हिसाब से एक भी सीट कांग्रेस नहीं जीती थी। केवल हम लोगों ने नामांकन किया था। इसके बाद प्रचार में लग गए थे। दूसरी पार्टी के लोग भी सरकार की तानाशाही के खिलाफ थे। दूसरी पार्टी के पोलिंग एजेंट भी जनता पार्टी के प्रत्याशियों को वोट दे रहे थे। केवल जॉर्ज फर्नांडीज जेल से चुनाव लड़े थे, जबकि बाकी लोग बाहर हो गए थे।
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विधानसभा चुनाव 1977 में प्रदेश में दलों का समीकरण
उत्तर प्रदेश में चार राष्ट्रीय दल सीपीआई, सीपीएम, कांग्रेस, जनता पार्टी मैदान में थे, जबकि तीन राज्यस्तरीय दल ऑल इंडिया फारवर्ड ब्लाक, मुसलिम लीग, रेवोलेशनरी सोशलिस्ट पार्टी चुनाव मैदान में थे। इसके अलावा सात अपंजीकृत दल चुनाव मैदान में थे। इस चुनाव में प्रदेश की 425 सीटों में से 352 पर जनता पार्टी ने जीत दर्ज की। कांग्रेस मात्र 47 सीटों पर रह गई और 16 पर निर्दलीय जीते। बाकी अन्य पार्टियों को दस सीटों पर ही संतोष करना पड़ा।
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1977 में हुए विस चुनाव में जिले की स्थिति
-कैंट सीट से जनता पार्टी के शतरुद्र प्रकाश ने कांग्रेस के किरण कुमार शर्मा को 15,717 वोटों से हराया था।
-दक्षिणी सीट से जनता पार्टी के राजबली तिवारी ने कांग्रेस के राजकुमार को 22,733 वोटों से हराया था।
-उत्तरी सीट से जनता पार्टी के मुस्ताक अहमद ने कांग्रेस के अब्दुल अजीज को 23100 वोटों से हराया था
-चिरईगांव सीट से जनता पार्टी के उदयनाथ ने निर्दलीय खरबन को 15,582 वोटों से हराया था।
-कोलअसला सीट से सीपीआई के उदल ने जनता पार्टी के निहाला सिंह को 9878 वोटों से हराया था।
-गंगापुर सीट से जनता पार्टी के बलदेव ने कांग्रेस के रामसागर को 16536 वोटों से हराया था।
(नोट-उक्त आंकड़े चुनाव आयोग के अनुसार)