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Jagannath Rath Yatra 2024:ढाई फीट आगे बढ़ा रथ, आस्था की लालिमा ने मिटाई हृदय की कालिमा

Tue, 09 Jul 2024 06:32 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jul 2024 06:32 AM IST
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Jagannath Rath Yatra 2024: The chariot moved forward by two and a half feet, the redness of faith erased the blackness of the heart.
भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र के रथ को छूकर तर जाने की कामना लिए भक्तों का रेला मंदिर स्वरूप रथयात्रा पहुंच रहा है। रथयात्रा मेले के दूसरे दिन भगवान का रथ ढाई फीट आगे बढ़ा। भक्तों ने नाथों के नाथ और अष्टकोणीय रथ के दर्शन और स्पर्श करके तर जाने का अहसास किया। इसके साथ ही लाल वर्ण में सजे भगवान की आस्था की लालिमा ने भक्तों के हृदय की कालिमा को मेट दिया।
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सोमवार को मंगला आरती के साथ ही भगवान जगन्नाथ के दर्शन पूजन का सिलसिला शुरू हो गया। भगवान का लाल परिधान के साथ ही लाल पुष्पों से शृंगार किया गया। पहले दिन पांच पग आगे बढ़ने के बाद दूसरे दिन भक्तों ने भगवान के रथ को ढाई फीट आगे खींचा। मंदिर के कपाट खुलने से पहले भी भक्त हाथ जोड़े, मन में भगवान की मूरत को बसाए हुए इंतजार में खड़े थे। मंगला आरती के बाद जैसे ही मंदिर का कपाट खुला तो पूरा रथयात्रा क्षेत्र जय-जय जगन्नाथ, हरे कृष्णा, हरे रामा और हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।
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भगवान के लाल वर्ण स्वरूप के दर्शन कर भक्त निहाल होते कभी शीश नवाते तो कभी दंडवत होकर सड़क पर लेट जाते। सुबह छह बजे से आठ बजे तक इस्कॉन मंदिर की भजन मंडली ने किशोरी किशोर दास के नेतृत्व में चैतन्य महाप्रभु के भजनों से भक्तों को आह्लादित किया। सुबह नौ बजे काशीराज परिवार की परंपरा के अनुसार परिवार के अनंत नारायण सिंह और उनके पुत्र अनिरुद्ध नारायण सिंह व प्रद्युम्न नारायण सिंह ने भगवान का दर्शन-पूजन किया। उन्होंने तुलसी की माला और प्रसाद प्रभु को अर्पित कर उनसे नगरवासियों की सुख शांति की प्रार्थना की। काशीवासियों का जय जगन्नाथ और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच अभिवादन स्वीकार किया। भगवान को तीन प्रहर का भोग लगाया गया और रात्रि में 12 बजे शयन आरती के पश्चात पट बंद कर दिया गया।
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सजीं नानखटाई की दुकानें, उमड़ी भीड़
रथयात्रा मेले में शहर के अलावा आसपास के गांवों से भी दर्शनार्थियों की भीड़ उमड़ी। मेला क्षेत्र में जगह-जगह नानखटाई और खिलौने की दुकानें सजी रहीं।
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राजातालाब के रथ यात्रा मेले का समापन
राजातालाब। भैरव तालाब में लगने वाले रथयात्रा मेले का सोमवार को समापन हो गया। दूसरे दिन का मेला कजरहिया मेला के नाम से जाना जाता है। इस दौरान महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा रही। राजातालाब, भैरव तालाब, जंसा, कृष्णदत्तपुर, मोहन सराय तक मेला सजा रहा। श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना की। दूसरी तरफ मेले में महिलाओं ने घरेलू सामान की खरीदारी की। मेले के समापन के बाद देर शाम रथ महाराज बलवंत सिंह महाविद्यालय परिसर राजातालाब के लिए रवाना हो गया। संवाद
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