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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   IUCTE Five qualities of teachers mentioned six professors of BHU-Samvidhi and Vidyapeeth honored

आईयूसीटीई: बताए गए शिक्षकों के पांच गुण, बीएचयू-संविवि और विद्यापीठ के छह प्रोफेसरों का सम्मान; खिले चेहरे

Fri, 05 Sep 2025 06:11 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 05 Sep 2025 06:11 AM IST
सार

आईयूसीटीई में आयोजित कार्यक्रम के दाैरान शिक्षकों ने शिक्षा पद्धति पर विस्तृत चर्चा की। युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में और आगे बढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया। कई शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

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IUCTE Five qualities of teachers mentioned six professors of BHU-Samvidhi and Vidyapeeth honored
कार्यक्रम में इन शिक्षकों को मिला सम्मान। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Varanasi News: अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र (आईयूसीटीई) में शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर शिक्षक दिवस एवं शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने शिक्षक सम्मान समारोह में आए बीएचयू, काशी विद्यापीठ और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के छह सेवानिवृत्त आचार्यों को शिक्षा में उल्लेखनीय कार्य के लिए सम्मानित किया।

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प्रो. चतुर्वेदी ने कहा कि शिक्षकों को एआई के प्रभावी उपयोग पर भी ध्यान देने की जरूरत है। प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने कहा सच्चा शिक्षक वही है जो अपने आचरण से शिक्षा दे। शिक्षक में पांच लक्षण होते हैं, प्रेरक, सूचक, वाचक, दर्शक और बोधक। निदेशक प्रो. प्रेम नारायण सिंह ने कहा कि अच्छे शिक्षक ही अच्छे विद्यार्थी तैयार करेंगे। वहीं सम्मानित शिक्षकों ने कहा एआई के गैप को भरने में शिक्षक ही सहायक हैं।

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IUCTE Five qualities of teachers mentioned six professors of BHU-Samvidhi and Vidyapeeth honored
आईयूसीटीई में शिक्षकों का हुआ जुटान। - फोटो : अमर उजाला

इन्हें मिला सम्मान
शिक्षक का कार्य सूचना देना नहीं, जबकि विद्यार्थियों में नैतिकता और मूल्य की शिक्षा से उनमें राष्ट्र प्रेम की भावना का उदय करना होता है। - प्रो. सुभाष चंद्र तिवारी, संविवि

समावर्तन संस्कार में कहा जाता है, जो मेरे अर्थात् गुरु समान सुचरित है जीवन में उन्हीं का अनुकरण करना, कुचरित का नहीं। - प्रो. राम किशोर त्रिपाठी, संविवि

एक शिक्षक में विषय ज्ञान जरूरी है। लेकिन उससे कहीं अधिक विद्यार्थी की जरूरत और उसके बारे में समझ अति आवश्यक है। - प्रो. राजनाथ उपाध्याय, काशी विद्यापीठ

सूचना देने में एआई मददगार सिद्ध हो रही है। लेकिन वह करुणा, क्षमाशीलता के अभाव को भरने में सक्षम नहीं है, इसमें शिक्षक की भूमिका सार्थक हो जाती है। - प्रो. अरविंद कुमार पांडेय, काशी विद्यापीठ

विद्यार्थियों को राष्ट्र, इतिहास के बारे में जानना जरूरी है क्योंकि इसके बारे में विद्यार्थियों को कम जानकारी है। - प्रो. हरींद्र प्रसाद सिंह, बीएचयू

शिक्षक का भी अपना व्यक्तित्व है, उसकी आवश्यकताएं हैं। लेकिन उनकी मर्यादाओं का निर्धारण भी जरूरी है। गुरु में ज्ञान के साथ समझदारी भी जरूरी है। - प्रो. गीता राय, बीएचयू

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