वो दर्द रही थी कराह, देरी से ही सही आगे आए मदद के हाथ
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बीएचयू ट्रामा सेंटर में पिछले छह दिन से इलाज के अभाव में दर्द से कराह रही काजल का इलाज शुक्रवार देर रात शुरू हो गया। एक्सरे रिपोर्ट देखने के बाद डॉक्टरों ने हाथ में प्लेट लगाने की बजाय प्लास्टर लगाने की सलाह दी। बीएचयू छात्रों, कर्मचारियों सहित सभी के सहयोग से उसका इलाज हुआ और अब वह पूरी तरह ठीक है।
कुछ दिन पहले ही लंका चौराहे पर आटो और स्कूटी की भिड़ंत में काजल (16) चोटिल हो गई थी। उसके हाथ और पैर में गंभीर चोट लगी। मां मजदूरी करती है और पिता की दिमागी हालत ठीक नहीं है। ट्रॉमा सेंटर आने पर चिकित्सकों ने प्लेट लगाने की बात कही, जिसमें 40 हजार का खर्च बताया। बीएचयू समाज विज्ञान संकाय के तृतीय वर्ष के छात्र शिवम को जब इसकी जानकारी मिली तो वह ट्रामा सेंटर पहुंचे और सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर मदद की अपील की।
शुक्रवार शाम से बीएचयू छात्रों और कर्मचारी बीरम चौरसिया के नेतृत्व में ट्रामा सेंटर के नर्सिगिं आफिसर प्रमोद सोनी व अन्य कर्मचारियों के साथ ही एचडीएफसी बैंक ट्रॉमा सेंटर ब्रांच के मैनेजर अभिशेष सिंह आदि आगे आए। इसके बाद शुक्रवार देर रात काजल का प्लास्टर हुआ। डॉक्टर ने उसे एक महीने बाद फिर बुलाया है।