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जारी होगी अधिसूचना, हटाएंगे अवैध निर्माण
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 17 May 2016 01:57 AM IST
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वरुणा नदी।
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वरुणा नदी के डूब क्षेत्र में कब्जा करने वालों की अब खैर नहीं। जल्द ही इनके खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में जरूरी प्रक्रियाओं के लिए सिंचाई विभाग के अधिकारी लखनऊ गए हैं। कब्जा हटाने के लिए 1.5 पी (वेटेज पेरिफेरी) की अधिसूचना शासन से जारी कराई जाएगी। उधर, डूब क्षेत्र में बिल्डिंग और होटल बनाने वालों की नींद उड़ गई है। अपने बचाव के लिए वे लखनऊ तक दबाव बनाने के प्रयास में हैं। इसके लिए कुछ नौकरशाहों और जनप्रतिनिधियों से संपर्क साधा जा रहा है।
पिछले दिनों मुख्य सचिव आलोक रंजन और प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल ने वरुणा के निरीक्षण के दौरान डूब क्षेत्र में कब्जा कराने वाले अधिकारियों को जेल भेजने की बात कही थी। साथ ही, कब्जा हटाने के लिए 1.5 पी का नोटिफिकेशन कराने का निर्देश दिया था। इसके आधार पर अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे। वीडीए ने डीएम बंगले से लेकर आदिकेशव घाट तक डूब क्षेत्र में निर्माण पर प्रतिबंध लगाया है। नए सिरे से कराए गए सर्वे और सीमांकन में 762 अवैध निर्माण चिह्नित किए जा चुके हैं। उधर सिंचाई विभाग ने भी 125 लोगों को नोटिस दिया है। वरुणा कॉरिडोर के सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के नाते अवैध निर्माणाें के खिलाफ कार्रवाई की पुख्ता रणनीति बनाई जा रही है।
वरुणा नदी के दोनों किनारों पर इंटरसेप्टर पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसे लेकर सोमवार को सिंचाई विभाग कार्यालय में जल निगम और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। बताया गया कि वरुणा में गिरने वाले चौदह नालों को इंटरसेप्टर पाइप लाइन से जोड़ा जाएगा। नालों के जरिये अवजल को दीनापुर पंपिंग स्टेशन ले जाया जाएगा। वहां शोधित करके फिर इसे वरुणा में डाला जाएगा ताकि नदी का जलस्तर बरकरार रहे।
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पिछले दिनों मुख्य सचिव आलोक रंजन और प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल ने वरुणा के निरीक्षण के दौरान डूब क्षेत्र में कब्जा कराने वाले अधिकारियों को जेल भेजने की बात कही थी। साथ ही, कब्जा हटाने के लिए 1.5 पी का नोटिफिकेशन कराने का निर्देश दिया था। इसके आधार पर अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे। वीडीए ने डीएम बंगले से लेकर आदिकेशव घाट तक डूब क्षेत्र में निर्माण पर प्रतिबंध लगाया है। नए सिरे से कराए गए सर्वे और सीमांकन में 762 अवैध निर्माण चिह्नित किए जा चुके हैं। उधर सिंचाई विभाग ने भी 125 लोगों को नोटिस दिया है। वरुणा कॉरिडोर के सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट होने के नाते अवैध निर्माणाें के खिलाफ कार्रवाई की पुख्ता रणनीति बनाई जा रही है।
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वरुणा नदी के दोनों किनारों पर इंटरसेप्टर पाइप लाइन बिछाई जाएगी। इसे लेकर सोमवार को सिंचाई विभाग कार्यालय में जल निगम और सिंचाई विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। बताया गया कि वरुणा में गिरने वाले चौदह नालों को इंटरसेप्टर पाइप लाइन से जोड़ा जाएगा। नालों के जरिये अवजल को दीनापुर पंपिंग स्टेशन ले जाया जाएगा। वहां शोधित करके फिर इसे वरुणा में डाला जाएगा ताकि नदी का जलस्तर बरकरार रहे।
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