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Varanasi News: जनकपुर में सिंचाई का संकट, ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन
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नौगढ़ में प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
नौगढ़। स्थानीय विकास खंड के जनकपुर गांव में जयमोहनी माइनर पुलिया और माइनर क्षतिग्रस्त होने से नाराज होकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को माइनर के समीप प्रदर्शन किया।
आरोप लगाया है कि जयमोहनी माइनर की पुलिया बीते 7–8 वर्षों से क्षतिग्रस्त है। इसकी मरम्मत आज तक नहीं हो सकी है। सिंचाई विभाग को कई बार मौखिक और लिखित रूप से सूचित किया गया। बावजूद इसके अब तक कार्रवाई नहीं हुई।
प्रदर्शन कर रहे लोगो ने बताया कि कूड़ा राजवाहा नहर से जयमोहनी के लिए जो माइनर जाती है, उसमें पहले तीन ठोकरें थीं, जिनके माध्यम से पानी को रोककर कुलावा से सिंचाई की जाती थी, लेकिन बाढ़ और तेज बहाव के कारण ये ठोकरें पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। अब खेतों में कटाव इतना बढ़ गया है कि उपजाऊ भूमि माइनर में बहती जा रही है। प्रदर्शनकारी ने बताया कि जान जोखिम में डालकर आवागमन होता है। रामपति यादव के घर के पास स्थित पुलिया भी पूरी तरह खराब हो चुकी है।
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ग्रामीण बांस और लकड़ी की पट्टियों के सहारे आवागमन कर रहे हैं। कई बार बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं। ग्रामीणों को डर है कि तेज बहाव के दौरान कोई बड़ा हादसा हो सकता है। समस्या की गंभीरता को देखते हुए भीम आर्मी (आजाद समाज पार्टी) की टीम मौके पर पहुंची। जिला संरक्षक रामचन्द्र राम और जिला उपाध्यक्ष अवधेश कुमार भारती ने चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों ने जल्द सुनवाई नहीं की तो तहसील और जिला स्तर पर घेराव किया जाएगा।
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नौगढ़। स्थानीय विकास खंड के जनकपुर गांव में जयमोहनी माइनर पुलिया और माइनर क्षतिग्रस्त होने से नाराज होकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को माइनर के समीप प्रदर्शन किया।
आरोप लगाया है कि जयमोहनी माइनर की पुलिया बीते 7–8 वर्षों से क्षतिग्रस्त है। इसकी मरम्मत आज तक नहीं हो सकी है। सिंचाई विभाग को कई बार मौखिक और लिखित रूप से सूचित किया गया। बावजूद इसके अब तक कार्रवाई नहीं हुई।
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प्रदर्शन कर रहे लोगो ने बताया कि कूड़ा राजवाहा नहर से जयमोहनी के लिए जो माइनर जाती है, उसमें पहले तीन ठोकरें थीं, जिनके माध्यम से पानी को रोककर कुलावा से सिंचाई की जाती थी, लेकिन बाढ़ और तेज बहाव के कारण ये ठोकरें पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। अब खेतों में कटाव इतना बढ़ गया है कि उपजाऊ भूमि माइनर में बहती जा रही है। प्रदर्शनकारी ने बताया कि जान जोखिम में डालकर आवागमन होता है। रामपति यादव के घर के पास स्थित पुलिया भी पूरी तरह खराब हो चुकी है।
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ग्रामीण बांस और लकड़ी की पट्टियों के सहारे आवागमन कर रहे हैं। कई बार बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं। ग्रामीणों को डर है कि तेज बहाव के दौरान कोई बड़ा हादसा हो सकता है। समस्या की गंभीरता को देखते हुए भीम आर्मी (आजाद समाज पार्टी) की टीम मौके पर पहुंची। जिला संरक्षक रामचन्द्र राम और जिला उपाध्यक्ष अवधेश कुमार भारती ने चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों ने जल्द सुनवाई नहीं की तो तहसील और जिला स्तर पर घेराव किया जाएगा।