UP: इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब निर्माण में गड़बड़ी, जांच करेगी IIT कानपुर की टीम; कागजों पर 79 लाख का काम
Varanasi News: वाराणसी के जिला अस्पताल में बन रहे इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब की जांच अब आईआईटी कानपुर की विशेष टीम करने आएगी। इस काम को 79 लाख में पूरा दिखा दिया गया है लेकिन जमीन पर कुछ और ही मामला है।
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पांडेयपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में बन रही इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब अब विवादों के घेरे में है। सवा करोड़ की परियोजना में गंभीर वित्तीय और गुणवत्ता संबंधी अनियमितताएं सामने आने के बाद आईआईटी कानपुर की टीम तकनीकी जांच करेगी।
आईआईटी कानपुर को शासन से निर्देश दिए गए हैं। लैब निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और खराब गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव लेबर एंड डिजास्टर फेडरेशन ने प्रोजेक्ट के मद में 79 लाख रुपये का काम पूरा होना दिखा दिया है, लेकिन हकीकत में भवन अभी तक उपयोग के लायक नहीं बन पाया है।
लैब का शिलान्यास 16 सितंबर 2023 को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने किया था। 1.25 करोड़ की लागत से लैब में घटिया निर्माण सामग्री (सरिया और सीमेंट) का प्रयोग सामने आया था। हैरानी की बात यह है कि योजना के तहत प्रदेश के अन्य जिलों में लैब का संचालन शुरू हो चुका है, लेकिन वाराणसी में दो साल बीत जाने के बाद भी काम अधूरा है।
पूर्व सीएमएस डॉ. दिग्विजय सिंह ने निर्माण के दौरान ही मानकों की अनदेखी पकड़ी थी और एक आंतरिक जांच टीम गठित की थी, जिसे बाद में तकनीकी पेचीदगियों के कारण उच्च स्तरीय जांच के लिए भेजा गया।
लैब के निर्माण में लापरवाही की शिकायत पर शासन से आईआईटी की टीम को निर्देशित किया गया है। लैब की मजबूती और मानकों की जांच विशेषज्ञों द्वारा की जाएगी। रिपोर्ट आने पर निर्माण में कोई भी कमी पाई गई या मानकों से समझौता पाया गया, तो कार्यदायी संस्था को ब्लैकलिस्ट करने के साथ-साथ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। - एनडी शर्मा, अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण।