{"_id":"64c5609de5a0b9122f0d3d94","slug":"investigation-of-42-fertilizer-sales-centers-varanasi-news-c-20-vns1013-310223-2023-07-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: 42 खाद बिक्री केंद्रों की हुई जांच, दो सहकारी समितियों को नोटिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: 42 खाद बिक्री केंद्रों की हुई जांच, दो सहकारी समितियों को नोटिस
विज्ञापन
खाद की गुणवत्ता और कालाबाजारी रोकने के लिए शनिवार को जिले की 42 खाद-बीज की दुकानों की जांच की गई। इस दौरान दो साधन सहकारी समितियों को लापरवाही पर नोटिस जारी किया गया है।
दुकानों की जांच के लिए तीन टीम का गठन किया गया था। इसमें टीम एक में शामिल जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह, जिला उद्यान अधिकारी सुभाष कुमार ने पिंडरा तहसील में जांच की। वहीं, टीम दो शामिल में उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी सदर निरूपमा सिंह और जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी आरपी सिंह ने राजातालाब में और टीम तीन में शामिल भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. अशोक कुमार यादव, अपर जिला कृषि अधिकारी रोहित कुमार सिंह एवं नेडा के परियोजना अधिकारी एसके गुप्ता ने सदर तहसील में बिक्री केंद्रों की जांच की। 42 बिकी केंद्रों की जांच में खाद के आठ नमूने लिए गए।
टीम ने साधन सहकारी समिति फूलपुर एवं साधन सहकारी समिति हिरामनपुर का निरीक्षण किया गया। मौके पर समिति बंद मिली। सूचना पट्ट पर समिति बंद होने का कारण और खुलने व बंद होने की सूचना भी नहीं थी। लापरवाही पर समिति को नोटिस जारी किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
दुकानों की जांच के लिए तीन टीम का गठन किया गया था। इसमें टीम एक में शामिल जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह, जिला उद्यान अधिकारी सुभाष कुमार ने पिंडरा तहसील में जांच की। वहीं, टीम दो शामिल में उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी सदर निरूपमा सिंह और जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी आरपी सिंह ने राजातालाब में और टीम तीन में शामिल भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. अशोक कुमार यादव, अपर जिला कृषि अधिकारी रोहित कुमार सिंह एवं नेडा के परियोजना अधिकारी एसके गुप्ता ने सदर तहसील में बिक्री केंद्रों की जांच की। 42 बिकी केंद्रों की जांच में खाद के आठ नमूने लिए गए।
विज्ञापन
टीम ने साधन सहकारी समिति फूलपुर एवं साधन सहकारी समिति हिरामनपुर का निरीक्षण किया गया। मौके पर समिति बंद मिली। सूचना पट्ट पर समिति बंद होने का कारण और खुलने व बंद होने की सूचना भी नहीं थी। लापरवाही पर समिति को नोटिस जारी किया गया।
विज्ञापन