सोनभद्र नरसंहार : जांच समिति की रिपोर्ट हो रही तैयार, कई अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
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सोनभद्र के घोरावल के उभ्भा गांव में आदर्श सहकारी कृषि समिति की भूमि को लेकर हुए नरसंहार की जांच शुरू हो गई है। समिति के गठन से लेकर अब तक हुई कार्रवाई और इस दौरान तैनात अफसर और राजस्वकर्मियों की बिंदुवार जांच हो रही है। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि जांच में अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।
अभी तक की जांच में उभ्भा और सपही में आदर्श सहकारी कृषि समिति के नाम 1452 बीघा जमीन होने की पुष्टि हो चुकी है। समिति 24 सितंबर 1952 को बनाई गई थी। समिति का कार्य क्षेत्र उभ्भा और सपही गांव में रहा है। जिला लेखा परीक्षा अधिकारी की रिपोर्ट पर गौर करें तो अंतिम लेखा परीक्षा 1999-2000 तक ही की गई है।
समिति के सैकड़ों बीघे भूमि को लेकर आदिवासियों एवं उसमें सौ बीघे से अधिक जमीन खरीदने वालों के बीच लंबे समय तक विवाद चला। 17 जुलाई को दस लोगों की हत्या कर दी गई। 28 लोग घायल हो गए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मृतकों के परिजनों और घायलों ने बताया था कि नियमों को दरकिनार कर अधिकारियों ने समिति के नाम भूमि कर दी थी।
इतना ही नहीं समिति की भूमि विक्रय करने की अनुमति भी दे दी है। इसे गंभीरता से लेते हुए सीएम ने डीएम को जब से आदर्श सहकारी कृषि समिति बनी है तब से उसके बारे में पूरा रिकॉर्ड तैयार मुहैया कराने का निर्देश दिया है।
सूत्रों की मानें तो टीमें किस अधिकारी के अनुमति से समिति बनी, किसने समिति की भूमि बेचने की अनुमति दी, समिति के लोगों ने भूमि का विक्रय किसके आदेश पर किया आदि रिपोर्ट तैयार कर रही है। जल्द ही रिपोर्ट तैयार कर डीएम के माध्यम से शासन को भेजा जाएगा। डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने कहा कि उच्चाधिकारियों द्वारा जो रिपोर्ट मांगी जा रही है उसको उपलब्ध कराया जा रहा है।