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संकाय नहीं विश्वविद्यालय स्तर पर गठित कमेटी करें जांच
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बीएचयू के उर्दू विभाग में उर्दू दिवस पर वेबिनार में अल्लामा इकबाल की तस्वीर वाले पोस्टर को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने जो तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है, उस पर छात्रों ने सवाल उठा दिए हैं। वह संकाय स्तर की बजाय विश्वविद्यालय स्तर पर जांच कमेटी गठित कर जांच कराने की मांग पर अड़े हैं। परिसर में पोस्टर चस्पा करने, प्रभारी वीसी से इसकी शिकायत के बाद अब सोशल मीडिया पर इसको लेकर बहस छिड़ गई है। लोग अपने-अपने तरीके से मामले को लेकर टिप्पणी कर रहे हैं। उधर, कैंपस में बृहस्पतिवार को भी कुछ जगहों पर पोस्टर लगाए गए। इससे तनावपूर्ण माहौल बना है।
उर्दू विभाग में नौ नवंबर को वेबिनार वाले पोस्टर पर अल्लामा इकबाल की तस्वीर हटाकर उस पर महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की तस्वीर लगाकर दूसरा पोस्टर जारी जरूर हुआ है, लेकिन इसको लेकर विरोध अभी बढ़ता जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन देकर छात्रों ने संकाय स्तर की कमेटी की जगह विश्वविद्यालय के स्तर पर जांच कमेटी के गठन की जो मांग रखी है, अब उसको लेकर इस मामले में नया मोड़ आ गया है। इधर, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो.केएम पांडेय की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है। इसमें विभागाध्यक्ष का जवाब लेने के साथ ही कमेटी पोस्टर तैयार करने से जुड़े सभी बिंदुओं पर बड़ी गहनता से जांच कर रही है। माना जा रहा है कि इसी सप्ताह प्रभारी वीसी को रिपोर्ट भी सौंपी जा सकती है।
पोस्टरवार, जांच की नई मांग पर मंथन शुरू
मामले में परिसर में पोस्टर चस्पा करने की घटना के बाद से माहौल और गरमा गया है। बुधवार के बाद बृहस्पतिवार को भी परिसर में कई जगहों पर पोस्टर चस्पा दिखा। इसमें जिस तरह से छात्रों ने बीएचयू परिसर को हिंदू विरोध का अड्डा न बनने की बात पोस्टर में लिखी है और दूसरी जांच कमेटी गठित करने की मांग पर अड़े हैं, उस पर अब नए सिरे से मंथन शुरू हो गया है। इधर, छात्र शुक्रवार को एक बार फिर मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन से मुलाकात करने की तैयारी में हैं।
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उर्दू विभाग में नौ नवंबर को वेबिनार वाले पोस्टर पर अल्लामा इकबाल की तस्वीर हटाकर उस पर महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की तस्वीर लगाकर दूसरा पोस्टर जारी जरूर हुआ है, लेकिन इसको लेकर विरोध अभी बढ़ता जा रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन देकर छात्रों ने संकाय स्तर की कमेटी की जगह विश्वविद्यालय के स्तर पर जांच कमेटी के गठन की जो मांग रखी है, अब उसको लेकर इस मामले में नया मोड़ आ गया है। इधर, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो.केएम पांडेय की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने अपनी जांच शुरू कर दी है। इसमें विभागाध्यक्ष का जवाब लेने के साथ ही कमेटी पोस्टर तैयार करने से जुड़े सभी बिंदुओं पर बड़ी गहनता से जांच कर रही है। माना जा रहा है कि इसी सप्ताह प्रभारी वीसी को रिपोर्ट भी सौंपी जा सकती है।
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पोस्टरवार, जांच की नई मांग पर मंथन शुरू
मामले में परिसर में पोस्टर चस्पा करने की घटना के बाद से माहौल और गरमा गया है। बुधवार के बाद बृहस्पतिवार को भी परिसर में कई जगहों पर पोस्टर चस्पा दिखा। इसमें जिस तरह से छात्रों ने बीएचयू परिसर को हिंदू विरोध का अड्डा न बनने की बात पोस्टर में लिखी है और दूसरी जांच कमेटी गठित करने की मांग पर अड़े हैं, उस पर अब नए सिरे से मंथन शुरू हो गया है। इधर, छात्र शुक्रवार को एक बार फिर मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन से मुलाकात करने की तैयारी में हैं।
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