Gyanvapi Case: ज्ञानवापी में सर्वे का आदेश देने वाले जज को धमकी भरी चिट्ठी से पहले आया था इंटरनेट कॉल, जांच में जुटी पुलिस
ज्ञानवापी मामले में सर्वे करवाने का आदेश देने वाले सिविल जज सीनियर डिवीजन को दो बार धमकियां दी जा चुकी हैं। धमकी वाले पत्र भेजने से एक हफ्ता पहले उन्हें इंटरनेट कॉल आया था।
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ज्ञानवापी प्रकरण में कमीशन की कार्यवाही (सर्वे) का आदेश देने वाले सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर को धमकी भरी चिट्ठी से पहले पिछले हफ्ते फोन पर धमकी भरी कॉल आई थी। इंटरनेट कॉल के जरिए सिर्फ सलाम वाले कुम की आवाज आई और फिर फोन कट गया।
इसकी शिकायत भी जज ने अपर मुख्य सचिव गृह को पत्र के जरिए की थी, जिसकी जांच डीसीपी वरुणा कर रहे हैं। चिट्ठी की बात सामने आने के बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ है। सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर के अनुसार जब वह 29 मई को लखनऊ से वाराणसी लौट रहे थे तो मेरे मोबाइल पर इंटरनेट नंबर से फोन आया।
जज की बढ़ाई गई सुरक्षा
कॉल रिसीव करते ही सलाम वाले कुम कहा गया, इसका मैंने भी उत्तर दिया और फिर कॉल कट गई। उस समय डीसीपी वरुणा और एसीपी कैंट को मौखिक तौर पर सूचना दी थी। इसकी भी जांच साइबर सेल और सर्विलांस सेल की टीम कर रही है। मंगलवार को रजिस्टर्ड डाक से आए इस्लामिक आगाज मूवमेंट की ओर से धमकी भरी भाषा में पत्र की जांच के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने आवास और जज की सुरक्षा बढ़ा दी है।
आवास और जज की सुरक्षा में कुल 10 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की ओर से राखी सिंह आदि बनाम उत्तर प्रदेश सरकार आदि (ज्ञानवापी प्रकरण) पर सुनवाई की गई है। । एक माह पूर्व सर्वे का आदेश देने के दौरान ही जज ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी।