{"_id":"5b3210804f1c1b684d8b87d2","slug":"international-drugs-day-varanasi-these-person-become-free-drugs","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"इंटरनेशनल एंटी ड्रग्स डे: आज पढ़िए उनकी कहानी, जिन्होंने बदल ली अपनी जिंदगानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इंटरनेशनल एंटी ड्रग्स डे: आज पढ़िए उनकी कहानी, जिन्होंने बदल ली अपनी जिंदगानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 26 Jun 2018 03:38 PM IST
विज्ञापन
अपनों की मदद से इलाज कराया और फिर ले लिया इससे मुक्ति का संकल्प
- फोटो : twitter
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ के टॉमी सिंह यानी शाहिद कपूर एक अंजान लड़की से प्रभावित होकर नशा करना छोड़ देते हैं। टॉमी सिंह की तरह शहर में भी कई लोग हैं, जिन्होंने परिवार, दोस्तों और चिकित्सकों की मदद से खुद को नशे के चंगुल से आजाद कर लिया।
आज इंटरनेशनल एंटी ड्रग्स डे पर कुछ लोगों ने अपनी कहानी बताई तो पता चला कि उन्होंने किस तरह से अपना परिवार टूटने-बिखरने से बचाया। वे मानते हैं कि उनके बीते हुई जिंदगी बहुत बुरी थी। एक वकील कहते हैं कि 18 साल की उम्र में उन्हें दोस्तों के साथ नशे की लत लग गई।
बढ़ती उम्र, शादी और बच्चों के बाद भी आदत नहीं छूटी। बच्चे बड़े होने पर परिवार में झगड़ा होने लगा। वकालत भी छूट गई। पत्नी ने हिम्मत दिखाते हुए पहले मुंबई और बाद में बनारस के नशा मुक्ति केंद्र पर ले गईं। एक साल नशा मुक्ति केंद्र में रहे।
विज्ञापन
अब पारिवारिक जिंदगी खुशी-खुशी बिता रहा हूं। कहते हैं-नशा करने वाले को एक बार जरूर समझाना चाहिए। शायद आपकी बात उसके दिल पर लग जाए और वह नशा छोड़ दे। कुछ इसी तरह की बात एक गांव के निवासी ठेकेदार कहते हैं कि ऐसा कोई नशा नहीं जो जिंदगी में न किया हो।
स्कूल के दिनों में एक बार दोस्तों के साथ शराब पी थी लेकिन उस दिन का मजा, जिंदगी भर की सजा बन गई। बीमारियों के कारण शक्ल भी बदल गई। एक दिन बड़े भाई ने मुझे डांटा और नशा छोड़ने की चेतावनी दी।
डांट ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया। हालांकि बाद में उन्हीं की मदद से इससे बाहर निकला आया। अपनी कोशिश और अपनों के सहयोग से मुझे जीत हासिल हुई। पत्नी के साथ नई जिंदगी की शुरूआत कर चुका हूं।
विज्ञापन
आज इंटरनेशनल एंटी ड्रग्स डे पर कुछ लोगों ने अपनी कहानी बताई तो पता चला कि उन्होंने किस तरह से अपना परिवार टूटने-बिखरने से बचाया। वे मानते हैं कि उनके बीते हुई जिंदगी बहुत बुरी थी। एक वकील कहते हैं कि 18 साल की उम्र में उन्हें दोस्तों के साथ नशे की लत लग गई।
विज्ञापन
बढ़ती उम्र, शादी और बच्चों के बाद भी आदत नहीं छूटी। बच्चे बड़े होने पर परिवार में झगड़ा होने लगा। वकालत भी छूट गई। पत्नी ने हिम्मत दिखाते हुए पहले मुंबई और बाद में बनारस के नशा मुक्ति केंद्र पर ले गईं। एक साल नशा मुक्ति केंद्र में रहे।
विज्ञापन
अब पारिवारिक जिंदगी खुशी-खुशी बिता रहा हूं। कहते हैं-नशा करने वाले को एक बार जरूर समझाना चाहिए। शायद आपकी बात उसके दिल पर लग जाए और वह नशा छोड़ दे। कुछ इसी तरह की बात एक गांव के निवासी ठेकेदार कहते हैं कि ऐसा कोई नशा नहीं जो जिंदगी में न किया हो।
स्कूल के दिनों में एक बार दोस्तों के साथ शराब पी थी लेकिन उस दिन का मजा, जिंदगी भर की सजा बन गई। बीमारियों के कारण शक्ल भी बदल गई। एक दिन बड़े भाई ने मुझे डांटा और नशा छोड़ने की चेतावनी दी।
डांट ने मुझे अंदर तक झकझोर दिया। हालांकि बाद में उन्हीं की मदद से इससे बाहर निकला आया। अपनी कोशिश और अपनों के सहयोग से मुझे जीत हासिल हुई। पत्नी के साथ नई जिंदगी की शुरूआत कर चुका हूं।
नशे से दूर रहें और उड़ान भरें
पहले बीएचयू और इन दिनों एएमयू में नशा उन्मूलन समिति के अध्यक्ष विनय कुमार बिसेन विश्वविद्यालय के साथ-साथ कॉलेज के नए सत्र में आने वाले युवाओं को नशे से दूर रहने की नसीहत देते हैं।
कहते हैं कि नशा छूट नहीं सकता, यह हमारी गलतफहमी है। अगर हम जिंदगी में वाकई उड़ान भरना चाहते हैं तो जरूरी है कि नशे से हमेशा दूर रहें। बताया, कई बार ऐसा होता है कि बच्चे जब घर से दूर होते हैं तो तनाव में आ जाते हैं। वे नशे से जुड़ जाते हैं।
कभी पढ़ाई, हॉस्टल के माहौल का दबाव, माता-पिता के उम्मीदों पर खरा उतरने का दबाव भी उन्हें इसकी तरफ मोड़ देता है।
कहते हैं कि नशा छूट नहीं सकता, यह हमारी गलतफहमी है। अगर हम जिंदगी में वाकई उड़ान भरना चाहते हैं तो जरूरी है कि नशे से हमेशा दूर रहें। बताया, कई बार ऐसा होता है कि बच्चे जब घर से दूर होते हैं तो तनाव में आ जाते हैं। वे नशे से जुड़ जाते हैं।
कभी पढ़ाई, हॉस्टल के माहौल का दबाव, माता-पिता के उम्मीदों पर खरा उतरने का दबाव भी उन्हें इसकी तरफ मोड़ देता है।