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जौनपुरः इंटर फेल युवती ने जाली प्रमाण पत्रों पर हासिल कर ली शिक्षक की नौकरी, ऐसे खुली पोल
Mon, 29 Jun 2020 10:16 PM IST
विचित्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर
Published by: विचित्र सिंह
Updated Mon, 29 Jun 2020 10:16 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
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कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय जौनपुर में तैनात एक और शिक्षिका के अभिलेख फर्जी मिले हैं। इंटर फेल होने के बाद भी वह एमए के जाली प्रमाण पत्र लगाकर शिक्षक की नौकरी कर रही थी। सत्यापन के बाद सोमवार को इसकी पुष्टि हुई। बीएसए ने उसके विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मंगलवार को उसके विरुद्ध केस दर्ज कराया जा सकता है।
कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अनामिका शुक्ला के नाम पर कई जिलों में नौकरी की पोल खुलने के बाद अन्य शिक्षिकाओं के अभिलेखों की पड़ताल शुरू हुई तो जिले में प्रीति और दीप्ति के नाम पर भी फर्जी नौकरी किए जाने का खुलासा हुआ। इसके बाद शासन ने सभी शिक्षिकाओं के अभिलेखों के सत्यापन के निर्देश दिए थे।
सत्यापन की इस प्रक्रिया में बक्शा ब्लाक के कस्तूरबा विद्यालय में तैनात एक शिक्षिका ने अपने अभिलेख देने में हीलाहवाली की। काफी दबाव के बाद उसने अंतिम क्षणों में दस्तावेज जमा किए थे। इसके बाद से उस पर शक गहरा गया था। जब उसके प्रमाण पत्रों का सत्यापन हुआ तो हैरान करने वाली सच्चाई सामने आई।
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पिछले कई वर्षों से शिक्षिका की नौकरी करने वाली युवती वास्तव में इंटर फेल है, जबकि उसने एमए पास तक के प्रमाण पत्र नौकरी के लिए लगा रखे थे। सत्यापन रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा पुष्ट होने के बाद बीएसए ने सोमवार की शाम बालिका शिक्षा के समन्वयक को कार्रवाई के निर्देश दिए। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि बक्शा ब्लाक की शिक्षिका के प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं। वह इंटर फेल है, जबकि एमए के प्रमाण पत्र लगा रखे थे। उसके विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
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कस्तूरबा गांधी विद्यालय में अनामिका शुक्ला के नाम पर कई जिलों में नौकरी की पोल खुलने के बाद अन्य शिक्षिकाओं के अभिलेखों की पड़ताल शुरू हुई तो जिले में प्रीति और दीप्ति के नाम पर भी फर्जी नौकरी किए जाने का खुलासा हुआ। इसके बाद शासन ने सभी शिक्षिकाओं के अभिलेखों के सत्यापन के निर्देश दिए थे।
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सत्यापन की इस प्रक्रिया में बक्शा ब्लाक के कस्तूरबा विद्यालय में तैनात एक शिक्षिका ने अपने अभिलेख देने में हीलाहवाली की। काफी दबाव के बाद उसने अंतिम क्षणों में दस्तावेज जमा किए थे। इसके बाद से उस पर शक गहरा गया था। जब उसके प्रमाण पत्रों का सत्यापन हुआ तो हैरान करने वाली सच्चाई सामने आई।
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पिछले कई वर्षों से शिक्षिका की नौकरी करने वाली युवती वास्तव में इंटर फेल है, जबकि उसने एमए पास तक के प्रमाण पत्र नौकरी के लिए लगा रखे थे। सत्यापन रिपोर्ट में फर्जीवाड़ा पुष्ट होने के बाद बीएसए ने सोमवार की शाम बालिका शिक्षा के समन्वयक को कार्रवाई के निर्देश दिए। बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि बक्शा ब्लाक की शिक्षिका के प्रमाण पत्र फर्जी मिले हैं। वह इंटर फेल है, जबकि एमए के प्रमाण पत्र लगा रखे थे। उसके विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई है।