वाराणसी: गो पालन, संरक्षण, विकास से जुड़े एकीकृत केंद्र खुलेंगे
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राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के अध्यक्ष डॉ. बल्लभ भाई कठेरिया ने शुक्रवार को विकास भवन में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने देसी गायों की सुरक्षा, संरक्षण एवं विकास पर जोर दिया। उन्होंने जिले में एक इंटीग्रेटेड सेंटर खोलने को कहा। जहां पर गो पालन, संरक्षण, विकास, गोबर, गोमूत्र के उत्पाद बनाने का ट्रेनिंग सेंटर होगा। उनकी मार्केटिंग की व्यवस्था, रिसर्च सेंटर, मेडिसिनल प्रोडक्ट लैब, एग्रो पार्क सब कुछ एक स्थान पर होगा।
मत्स्य, पशुपालन एवं दुग्ध विकास मंत्रालय से जुड़े आयोग के अध्यक्ष ने सेल्फ हेल्प ग्रुप की महिलाओं और युवाओं को ट्रेनिंग देने का निर्देश दिया। जिससे वे गाय के गोबर और गोमूत्र से बायो फर्टिलाइजर, वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार करें।
जिनसे विभिन्न उत्पाद बनाने में सक्षम होकर अपना रोजगार कर सकें। गुजरात व अन्य प्रदेशों में लगभग 300 प्रकार की वस्तुयें बनाई जा रही हैं। और उनकी मार्केटिंग की व्यवस्था है। इस अवसर पर उन्होंने जिलाधिकारी को गोबर से बनी हुई एक वाल क्लाक भी दिया।
मृत गायों को समाधि लेने का आग्रह
राष्ट्रीय कामधेनु आयोग के अध्यक्ष ने सभी लोगों से आग्रह किया कि मृत गायों को समाधि दी जाए। जमीन में न गाड़ा जाये और उनको जलाया न जाए। प्रधानमंत्री का सपना है कि किसानों की आय दोगुनी हो और वे आत्मनिर्भर बने।
25 फरवरी को होगी कामधेनु गो विज्ञान परीक्षा
बच्चों से लेकर युवाओं को गाय के प्रति जागरूक करने के लिए 25 फरवरी, 2021 को कामधेनु गो विज्ञान परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसमें प्राइमरी, माध्यमिक तथा ग्रेजुएट सभी स्तर की अलग-अलग परीक्षा होगी साथ ही जन सामान्य भी इसमें भाग ले सकेंगे। जिसमें गो संबंधित सामान्य प्रश्न दिए जाएंगे। इसके लिए अधिक से अधिक रजिस्ट्रेशन कराने के लिए बीएसए को निर्देशित किया।
शाहंशाहपुर में गोबर धन योजना निर्माणाधीन: डीएम
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने जिले में गोशालाओं की स्थापना से लेकर गायों की सुरक्षा, संरक्षण एवं विकास के संबंध में किए गए कार्यों के बारे में बताया। कहा कि आराजीलाइन के शाहंशाहपुर गांव में गाय के गोबर से सीएनजी बनाने की परियोजना में गोबर धन प्लांट निर्माणाधीन है। पशु प्रसार में देसी ब्रीड का कार्य किया जा रहा है। देव दीपावली पर गोबर से बने 2 लाख दीपक घाटों पर जलाए गए थे।