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Varanasi News: बीएचयू के छात्र का अभिनव प्रयोग...अयोध्या के बारे में बतानेे को चलाया ये ऑनलाइन कोर्स

Thu, 04 Jan 2024 01:18 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jan 2024 01:18 AM IST
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Innovative experiment of BHU student...this online course was started to tell about Ayodhya
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही देश और दुनिया के छात्र अयोध्या के इतिहास और वर्तमान का अध्ययन कर सकेंगे। स्कूल ऑफ राम ने राम और उनकी अयोध्या के बारे में जानकारी देने के लिए एक महीने का निशुल्क सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किया है। इसमें दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और दो दिन में ही दो सौ से अधिक आवेदन आ चुके हैं।
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बीएचयू के एमए इन हिंदू स्टडीज के छात्र प्रिंस तिवाड़ी बीते तीन साल से स्कूल ऑफ राम का ऑनलाइन संचालन कर रहे हैं। 20 जनवरी से महीने भर के सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम की शुरुआत कर रहे हैं। इस कोर्स में अयोध्या के पौराणिक, भौगोलिक, ऐतिहासिक और वैज्ञानिक महत्व को समझाया जाएगा। इसी के साथ विद्यार्थियों को अयोध्या जन्मभूमि विवाद के इतिहास के बारे में भी जानकारी दी जाएगी। साथ ही मंदिर निर्माण के लिए नींव की पत्थर बनी महान विभूतियों के जीवन के बारे में भी अवगत कराया जाएगा।
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स्कूल ऑफ राम के संयोजक प्रिंस ने बताया कि इस कोर्स में हम रामत्व और अयोध्या के पौराणिक एवं आधुनिक स्वरूप की विराटता तो नए संदर्भों में देखेंगे। अब तक 200 से अधिक आवेदन आए हैं। 50-50 छात्रों का एक बैच बनाएंगे और उनकी कक्षाएं ऑनलाइन संचालित होंगी।
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17 जनवरी तक कर सकते हैं आवेदन

माह भर के सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम में दाखिले के लिए 17 जनवरी तक आवेदन किए जा सकते हैं। संयोजक प्रिंस तिवाड़ी ने बताया कि स्कूल आफ राम के पेज, सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जाकर कोई भी व्यक्ति आवेदन कर सकता है। आवेदन और अध्ययन की प्रक्रिया पूरी तरह से निशुल्क है।

नई शिक्षा नीति के अनुसार है पाठ्यक्रम



अयोध्या और भगवान राम पर आधारित पाठ्यक्रम को नई शिक्षा नीति के अनुसार तैयार किया गया है। नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क के अनुसार दो क्रेडिट कोर्स होंगे। प्रश्न और उत्तर के साथ ऑनलाइन लाइव सत्र होंगे। अध्ययन सामग्री ई-बुक्स के रूप में दी जाएगी। रिकॉर्डिंग ऑनलाइन उपलब्ध होगी। इसमें दुनिया भर के प्रतिभागी शामिल हो सकते हैं। दाखिले के लिए उम्र की कोई बाध्यता नहीं है। कक्षा में 75 फीसदी उपस्थिति वालों को प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।




भगवान राम के जीवन पर संचालित होने वाला विश्व का पहला वर्चुअल विद्यालय

स्कूल ऑफ राम भगवान श्रीराम के जीवन पर शुरू हुआ विश्व का पहला वर्चुअल विद्यालय है। इसकी शुरुआत मार्च 2021 में की गई थी। आज देश-विदेश से रामायण में अपनी रुचि रखने वाले लगभग 3000 से अधिक रामभक्त इस विद्यालय से जुड़कर भगवान राम के जीवन से सबंधित विभिन्न पहलुओं पर अपना अध्ययन कर रहे हैं। स्कूल ऑफ राम का उदेश्य उद्देश्य भगवान श्रीराम के आदर्शों और रामायण के संस्कारों को अभिनव तरीकों से जन-जन तक लेकर जाना हैं। ताकि देश के हर नागरिक के हृदय में अयोध्या तैयार हो। हर घर में लव-कुश, ध्रुव, प्रह्लाद जैसे बालक तैयार हों।
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