तड़पकर थम गईं मासूम की सांसें : सेफ्टी टैंक में डूबी ढाई साल की बच्ची, लाश देख रह गए सन्न; लापरवाही आई सामने
Varanasi News : बच्ची की माैत की सूचना मिलते ही माैके पर बड़ागांव थाने की पुलिस पहुंच गई। परिजन उसका अंतिम संस्कार करने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया।
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बड़ागांव थाना क्षेत्र के सातों महुआ स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय के परिसर में सेप्टिक टैंक में गिरकर शनिवार की सुबह ढाई वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। बच्ची के टैंक में गिरने की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया।
विद्यालय प्रबंधन पुलिस को सूचना दिए बगैर अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहा था। हालांकि किसी ग्रामीण की सूचना पर बड़ागांव थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने बच्ची का शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
चंदौली जिले के बबुरी थाना क्षेत्र के पांडेयपुर पचोखर गांव निवासी संतोष पांडेय सातों महुआ स्थित राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। संतोष के बेटे कृष्णकांत उर्फ विकास पांडेय की नौ माह पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। विकास की ढाई साल की बेटी श्रीनिधि पांडेय और परिवार के अन्य सदस्य भी संतोष के साथ रहते हैं।
सुबह के समय श्रीनिधि पांडेय कुत्तों के बच्चों के साथ खेल रही थी। खेलने के दौरान उन्हीं के पीछे-पीछे दौड़ते हुए वह सेप्टिक टैंक की तरफ चली गई। सेप्टिक टैंक एक जगह से खुला था। उसी जगह से श्रीनिधि टैंक में गिर गई। टैंक की गहराई 15 फीट है और वह गंदे पानी से भरा हुआ था।
करीब 20 मिनट बाद परिजनों को बच्ची नहीं दिखी तो उन्होंने उसकी तलाश शुरू की। श्रीनिधि के परिजनों के साथ ही अन्य कर्मचारी विद्यालय परिसर के कमरों के साथ ही अन्य जगह खोजे, लेकिन वह नहीं मिली। उसके बाद लोग टैंक के पास पहुंचे तो उसका शव उतराया मिला।
स्कूल की प्रधानाचार्य बबिता सिंह ने बताया कि बच्ची की मौत हुई है। शव को बड़ागांव थाने की पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस द्वारा जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।
विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही आई सामने
सेप्टिक टैंक का एक हिस्सा क्यों खुला था? उसे सहीं से बंद क्यों नहीं कराया गया था? इस बारे में विद्यालय प्रबंधन चुप्पी साधे रहा। बच्ची का शव मिलने के बाद विद्यालय प्रबंधन ने अपनी लापरवाही छिपाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों का कहना था कि हादसे के बाद विद्यालय प्रबंधन श्रीनिधि के परिजनों को समझा-बुझाकर उसका अंतिम संस्कार रामेश्वर स्थित वरुणा नदी के किनारे कराने जा रहा था।
इसी बीच किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। उधर, श्रीनिधि के चाचा रवि पांडेय ने बताया कि उनके बड़े भाई विकास की सड़क हादसे में मौत के छह माह बाद भाभी डिंपल पांडेय ने जुड़वा बच्चों यश और संस्कृति को जन्म दिया था। भाभी उन्हीं दोनों बच्चों को लेकर कमरे में बैठी थी। श्रीनिधि अपने दादा संतोष पांडेय के साथ कमरे से बाहर निकली थी। उसे कुत्ते के बच्चों के पास खेलता हुआ छोड़कर संतोष पांडेय अंदर गए और चाय लेकर कमरे से बाहर निकले तो श्रीनिधि नहीं मिली। उसके बाद सभी उसे खोजने लगे।
बोले अधिकारी
सेप्टिक टैंक का एक हिस्सा खुला हुआ था। कुत्ते के बच्चे के साथ खेलते हुए उसी में बच्ची गिर गई थी। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। परिजनों ने तहरीर दी है। जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - अतुल कुमार सिंह, थानाध्यक्ष, बड़ागांव