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इन्फ्लूएंजा को लेकर अलर्ट: डॉक्टरों की सलाह-संक्रमित के संपर्क में न आएं, जानें लक्षण और बचाव के उपाय

Wed, 15 Mar 2023 10:49 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Wed, 15 Mar 2023 10:49 AM IST
सार

बीएचयू अस्पताल के साथ ही मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल अस्पताल सहित अन्य अस्पतालाें की ओपीडी में इन्फ्लूएंजा से मिलते-जुलते लक्षण वाले मरीज आ रहे हैं। बीएचयू के बाल रोग विभाग में प्रोफेसर डॉ सुनील राव के मुताबिक, ओपीडी में पांच वर्ष से कम उम्र के करीब 30 बच्चे निमोनिया, डायरिया, सर्दी, खांसी से ग्रसित आ रहे हैं। ज्यादातर में इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण हैं।
 

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Influenza Alert Doctor's advice - do not come in contact with the infected, know the symptoms and preventive
H3N2 Influenza Virus - फोटो : ANI

विस्तार

इन्फ्लूएंजा वायरस एच3एन2 (H3N2) भी संक्रामक है। इन्फ्लूएंजा पीड़ित एक व्यक्ति से चार और लोगों में संक्रमण फैल सकता है। इसकी पुष्टि बीएचयू के डॉक्टरों ने की है। साथ ही शहरवासियों से सतर्कता बरतने की अपील की है। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पतालों में इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण वाले मरीज भी आ रहे हैं।
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बीएचयू अस्पताल के साथ ही मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल अस्पताल सहित अन्य अस्पतालाें की ओपीडी में इन्फ्लूएंजा से मिलते-जुलते लक्षण वाले मरीज आ रहे हैं। बीएचयू के बाल रोग विभाग में प्रोफेसर डॉ सुनील राव के मुताबिक, ओपीडी में पांच वर्ष से कम उम्र के करीब 30 बच्चे निमोनिया, डायरिया, सर्दी, खांसी से ग्रसित आ रहे हैं। ज्यादातर में इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण हैं।
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संक्रमण क्षमता ज्यादा, बचाव ही रास्ता
इन्फ्लूएंजा एच3एन2 (H3N2) में सतर्कता बरतनी जरूरी है। इसकी संक्रमण क्षमता ज्यादा है। जुकाम, बुखार, खांसी व शरीर में दर्ज जैसे सामान्य लक्षण हैं। जिन लोगों को सांस संबंधी कोई बीमारी, एलर्जी, ब्लड प्रेशर व शुगर की समस्या है, वे ज्यादा सावधानी बरतें। इन्फ्लूएंजा पर जो अध्ययन हुए हैं, उसके मुताबिक, इन्फ्लूएंजा की चपेट में आने वाले एक व्यक्ति चार और लोगों को संक्रमित कर सकता है। संक्रमित व्यक्ति से जितना दूरी हो बनाए रखेंगे, उतना ही अच्छा रहेगा। -प्रो. सुनीत कुमार सिंह, माॅलिक्यूलर बायोलॉजी विभाग, बीएचयू
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Influenza Alert Doctor's advice - do not come in contact with the infected, know the symptoms and preventive
डॉ. सीपी गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ, मंडलीय अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
कोरोना जैसे ही हैं इन्फ्लूएंजा के लक्षण
इन्फ्लूएंजा बिल्कुल कोरोना संक्रमण जैसा है। लिहाजा, मास्क लगाने व समय-समय पर हाथ धुलने की आदत बनाए रखनी चाहिए। इधर बच्चों में बुखार, सिरदर्द, जुकाम और खांसी की समस्या बढ़ी है। ओपीडी में रोजाना 30 से 50 बच्चे आ रहे हैं। इनमें दस वर्ष से कम उम्र के बच्चों की संख्या ज्यादा है। बच्चों के खानपान पर ध्यान देने की जरूरत है। भीड़भाड़ वाले जगहों पर जाने से बचना चाहिए। -डॉ. सीपी गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ, मंडलीय अस्पताल

ओपीडी में आ रहे ज्यादा मरीज
इन्फ्लूएंजा कोई भी हो, बदलते मौसम में इसके संक्रमण का प्रभाव ज्यादा होने की संभावना रहती है। जुकाम, खांसी व वायरल की चपेट में आने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। इन्फ्लूएंजा एच 3 व एन 2 में भी यही लक्षण हैं। अस्पताल की ओपीडी में 30 से 50 वर्ष की उम्र के 60 से 80 लोग रोजाना आ रहे हैं। जो लोग पहले से बीमार हैं, उनकी संख्या ज्यादा है। पहले से बीमार लोगों को ज्यादा सतर्कता बरतनी है। डॉक्टर की सलाह के बगैर दवा नहीं लेनी चाहिए। -डॉ. पीके सिंह, फिजिशियन, दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल

 

Influenza Alert Doctor's advice - do not come in contact with the infected, know the symptoms and preventive
मास्क जरूर लगाएं - फोटो : अमर उजाला
निमोनिया जैसे लक्षण दिख रहे
सामान्य तौर पर इन्फ्लूएंजा एच1एन1 (H3N2)  प्रभावित करता है। इस बार वैरियंट बदल गया है। खांसी, जुकाम, बुखार व शरीर में दर्द के साथ समस्या बढ़ रही है। जो संक्रमित है, उससे दूरी बनाकर रहना ठीक है। यह भी संक्रामक है। एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में संक्रमण का प्रभाव ज्यादा रहता है। इस उम्र के बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम रहती है। इसलिए निमोनिया व डायरिया होने का खतरा अधिक रहता है। तमाम बच्चे निमोनिया से पीड़ित हैं। -प्रो. सुनील राव, बाल रोग विभाग, बीएचयू

ऐसे करें बचाव
- भीड़ वाली जगहों पर जाने से बचें, मास्क जरूर लगाएं।
- जब भी छींक आए तो मुंह पर रूमाल जरूर रखें। इससे प्रसार कम होगा।
- डॉक्टर की सलाह के बाद ही एंटीबायोटिक दवा का सेवन करें ।
- पानी खूब पीएं।
- लक्षण दिखे तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
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