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Varanasi: बीएचयू में देश का पहला स्पाइनल इंजरी रिहेबिलिटेशन सेंटर , 200 करोड़ से बनेगी नई यूनिट

Sun, 15 Jan 2023 06:07 PM IST
उत्पल कांत रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला, वाराणसी
रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 15 Jan 2023 06:07 PM IST
सार

बीएचयू ट्रामा सेंटर में देश का पहला एडवांस केयर एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर खुलने जा रहा है। इस तरह की इलाज की ऐसी सुविधा अभी आस्ट्रेलिया में है।   
 

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Indias first spinal injury rehabilitation center will built in BHU new unit to be built with 200 crores
बीएचयू ट्रॉमा सेंटर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ब्रेन, स्पाइन और न्यूरो की गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को अब काशी में ही विश्व स्तरीय इलाज की सुविधा मिलेगी। बीएचयू ट्रामा सेंटर में देश का पहला एडवांस केयर एंड रिहैबिलिटेशन सेंटर खुलने जा रहा है। यहां ब्रेन, स्पाइनल, न्यूरो ऑप्थलेमिक इंजरी की आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के साथ ही पारंपरिक चिकित्सा पद्धति से इलाज की सुविधाएं मिलेंगी।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सेंटर खोलने पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है। अब कुछ औपचारिकताएं ही पूरी की जानी हैं। इलाज की ऐसी सुविधा अभी आस्ट्रेलिया में है।  बीएचयू ट्रामा सेंटर में वाराणसी और आसपास के जिलों के साथ ही बिहार, झारखंड आदि जगहों से सड़क दुघर्टनाओं में घायल गंभीर लोग आते हैं।
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कई ऐसे लोग होते हैं, जिनके स्पाइनल और ब्रेन में गंभीर चोटें लगी होती है। इलाज के बाद भी व्यक्ति सामान्य जीवन में नहीं लौट पाता है। डॉक्टरों के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया में एडवांस केयर रिहैबिलिटेशन सेंटर के माध्यम से ऐसे मरीजों का सफल इलाज हो रहा है। बीएचयू ट्रामा सेंटर के प्रभारी प्रो. सौरभ सिंह का कहना है कि अब ऑस्ट्रेलिया की तरह ही बीएचयू में देश का पहला ऐसा केंद्र होगा, जहां इस तरह की सुविधाएं दी जाएंगी। सेंटर निर्माण पर 200 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

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रोबोटिक सर्जरी, स्पीच थेरेपी और सर्जरी से मिलेगा नया जीवन 

ट्रामा सेंटर में बनने वाले सेंटर में रोबोटिक सर्जरी, स्पीच थेरेपी और सर्जरी के माध्यम से मरीजों को नया जीवन देने की तैयारी है। यहां आधुनिक तकनीक वाली मशीनें मंगाई जाएंगी। रोबोटिक सर्जरी की मदद से सड़क दुघर्टनाओं के समय पैर और शरीर के ऐसे भागों में जहां नसेें काम करना बंद कर देती हैं। उसे रोबोटिक तकनीक की मदद से सही कराया जाएगा। हेड इंजरी वाले मरीजों की सर्जरी के बाद भी सही से न चल पाने और बोल पाने की समस्या रहती है। नए सेंटर में ऐसे मरीजों के लिए आकुपेशनल थेरेपी, स्पीच थेरेपी की व्यवस्था की जा रही है। इससे मरीजों का इलाज आसान हो जाता है। 

इलाज के साथ शिक्षा और शोध की होगी सुविधा 

रिहैबिलिटेशन सेंटर के लिए कुल 200 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कराया गया है। इसमें 200 बेड का सुपर स्पेशियलिटी भवन भी बनेगा। खास बात यह है कि यहां इलाज के साथ ही पठन-पाठन के साथ शोध और मूल्यांकन की सुविधा रहेगी। डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को न्यूरो, स्पाइनल इंजरी के इलाज का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

ये सुविधाएं मिलेंगी

  • पेड यूनिट: कामर्शियल स्तर से चिकित्सा सुविधा का लाभ लोग ले सकेंगे। निजी हॉस्पिटल से कम खर्च आएगा। 
  • सब्सिडाइज्ड यूनिट: कम कीमत पर पात्र लोगों को चिकित्सा सुविधा दी जाएगी।
  • स्ट्रेटिजिक फार्मेसी यूनिट: पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत फार्मेसी यूनिट का संचालन होगा। 
  • स्ट्रेटिजिक एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिट: आईआईएम मॉडल पर शार्ट कोर्स चलाए जाएंगे। इसमें मेडिकल प्रोफेशनल्स भी शामिल होंगे। कुछ धनराशि सेंटर को भी मिलेगी।  
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