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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Indian Education Board office opened in Varanasi

UP: वाराणसी में खुला भारतीय शिक्षा बोर्ड का कार्यालय, 2027 में होगी पहली बोर्ड परीक्षा

Fri, 16 Jan 2026 04:34 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Fri, 16 Jan 2026 04:34 PM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी में भारतीय शिक्षा बोर्ड का पहला कार्यालय खुला। अब तक जिले में 40 विद्यालयों ने मान्यता ली। 125 विद्यालयों की मान्यता अभी प्रक्रिया में है जो मार्च 2026 तक पूरी जाएगी।

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Indian Education Board office opened in Varanasi
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : adobe stock

विस्तार

यूपी, सीबीएसई और आईसीएसई से मिलने वाली मान्यता के साथ ही अब एक और बोर्ड का विकल्प विद्यालयों को मिल गया है। भारतीय शिक्षा बोर्ड की ओर से बृहस्पतिवार को काशी की भुवनेश्वर नगर कॉलोनी में नया क्षेत्रीय कार्यालय खोला गया है। 

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वाराणसी में खुला यह कार्यालय पूर्वांचल के 25 जिलों का मुख्यालय होगा। इस बोर्ड ने अब तक वाराणसी के 40 विद्यालयों को मान्यता दी है। 125 विद्यालयों की मान्यता अभी प्रक्रिया में है जो मार्च 2026 तक पूरी जाएगी।
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मकर संक्रांति के अवसर पर भारतीय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. एनपी सिंह ने वाराणसी में नए कार्यालय का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि इस कार्यालय से भारतीय शिक्षा बोर्ड की शैक्षणिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं शैक्षणिक संस्थानों को बोर्ड से सीधे जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। 
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बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि भारतीय शिक्षा बोर्ड एक राष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड है, जो भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सांस्कृतिक मूल्यों के साथ आधुनिक शिक्षा का समन्वय कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने हेतु प्रतिबद्ध है। भारतीय शिक्षा बोर्ड भारत सरकार की ओर से गठित सीबीएसई के समकक्ष एक राष्ट्रीय शिक्षा बोर्ड है। 

इसके प्रमाण पत्र सीबीएसई के प्रमाणपत्रों के समान मान्यता प्राप्त हैं। पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं का सिलेबस जोड़ा गया है। कक्षा एक से ही कंप्यूटर शिक्षा, कक्षा 6 से स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम और कक्षा 9 से 12 तक अनिवार्य रूप से स्किल शिक्षा, शारीरिक शिक्षा और प्रायोगिक शिक्षा दी जा रही है। इस अवसर पर प्रो. ब्रज भूषण ओझा, प्रो. राकेश यादव, नंदलाल सिंह, मनुश्री, राजन विश्वकर्मा, मुरलीधर, पुष्प अग्रवाल मौजूद रहे।

बोर्ड के उद्देश्य

बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि यह 21वीं सदी का बोर्ड है। इसका उद्देश्य केवल नौकर तैयार करना नहीं, बल्कि ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है। इनके नेतृत्व में भारत प्रत्येक क्षेत्र में विश्वस्तर पर अग्रणी भूमिका निभा सके।
 
मऊ के आजाद हिंद इंटर कॉलेज को सबसे पहले बोर्ड ने दी मान्यता
बोर्ड के पूर्वी उत्तर प्रदेश समन्वयक बृज मोहन ने बताया कि भारतीय शिक्षा बोर्ड की ओर से पूर्वांचल में सबसे पहले मऊ में स्थित आजाद हिंदू इंटर कॉलेज को मान्यता दी गई है। यह विद्यालय पहले यूपी बोर्ड से संबद्ध था। इसमें 550 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। समन्वयक बृज मोहन ने बताया कि पूर्वांचल के 25 जिलों से 125 विद्यालयों ने भारतीय शिक्षा बोर्ड से मान्यता के लिए आवेदन किया है। मार्च 2026 तक इन्हें मान्यता दे दी जाएगी। बोर्ड की ओर से प्रदेश में पहली बार बोर्ड परीक्षा का आवेदन 2027 में किया जाएगा। 
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