देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर: काशी से रवाना करेंगी महिला गार्ड, पहुंचे रेलमंत्री; 13 क्रू मेंबर में 7 महिलाएं
वाराणसी से शुरू होने वाली देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के 13 सदस्यीय क्रू में सात महिलाएं रहेंगी। पहली बार महिला गार्ड ट्रेन को रवाना करेंगी। टीटीई स्टाफ में पांच महिलाएं और सहायक लोको पायलट भी महिला होंगी। मुख्य लोको पायलट की जिम्मेदारी जौनपुर निवासी 50 वर्षीय हरिशंकर यादव संभालेंगे।
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देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत कई मायनों में खास होने जा रही है। इस बार ट्रेन के संचालन और यात्रियों की सेवा की जिम्मेदारी संभालने वाले 13 सदस्यीय क्रू में सात महिलाएं शामिल होंगी। खास बात यह है कि पहली बार महिला गार्ड देश की दूसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगी।
इसके अलावा ट्रेन में तैनात टीटीई स्टाफ में पांच महिलाएं होंगी। वहीं, महिला सहायक लोको पायलट श्रीनी श्रीवास्तव और गार्ड की जिम्मेदारी ज्योति संभालेंगी। इस तरह आधुनिक रेल सेवा के साथ रेलवे में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भी देखने को मिलेगी।
31 अक्टूबर को बनारस रेलवे स्टेशन से वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का शुभारंभ होगा। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में होने वाले कार्यक्रम को लेकर रेलवे की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ट्रेन के संचालन के लिए 13 सदस्यीय क्रू तैनात किया गया है। इनमें सात महिला कर्मचारी शामिल हैं। यह संख्या कुल क्रू का आधे से अधिक है।
वंदे भारत के उद्घाटन समारोह में शामिल होने काशी पहुंचे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
वाराणसी से दिल्ली के बीच प्रस्तावित वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव शनिवार को काशी पहुंचे। बाबतपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
इस दौरान विधायक अवधेश सिंह, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, वाराणसी के महापौर अशोक तिवारी, पवन सिंह और भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री एवं एयरपोर्ट पर पार्टी के प्रोटोकॉल प्रभारी शैलेश पांडेय प्रमुख रूप से मौजूद रहे। नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रेल मंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। एयरपोर्ट पर स्वागत के बाद रेल मंत्री निर्धारित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हो गए।
तैयारी पूरी
इस ट्रेन को रवाना करने की जिम्मेदारी महिला गार्ड को दी गई है। रेलवे के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। वहीं, यात्रियों की टिकट जांच और अन्य जरूरी सेवाओं के लिए तैनात टीटीई स्टाफ में पांच महिलाएं रहेंगी। ट्रेन संचालन में महिला सहायक लोको पायलट की भी भूमिका होगी।
हालांकि, मुख्य लोको पायलट की जिम्मेदारी 50 वर्षीय हरिशंकर यादव संभालेंगे। वह मूल रूप से जौनपुर के रहने वाले हैं। उनके साथ महिला सहायक लोको पायलट ट्रेन को निर्धारित मार्ग पर संचालित करने में सहयोग करेंगी।
महिलाओं की बढ़ी भागीदार
रेलवे में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। अब महिलाएं केवल स्टेशन पर यात्री सुविधाओं या कार्यालयों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ट्रेन संचालन, सुरक्षा और परिचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी संभाल रही हैं। वंदे भारत स्लीपर के क्रू में महिलाओं की बड़ी भागीदारी इसी बदलाव का उदाहरण है।
वाराणसी से नई दिल्ली के बीच चलने वाली यह ट्रेन रात 8:50 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 6:10 बजे दिल्ली पहुंचेगी। 16 कोच वाली ट्रेन में कुल 823 बर्थ होंगी। इसमें प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के वातानुकूलित कोच शामिल हैं।