इंडिया इंटरनेशनल मेगा ट्रेड फेयर: दो दिन शेष, प्रतिदिन पहुंच रहे 4000 से ज्यादा खरीदार; पसंदीदा शॉपिंग स्पॉट
Varanasi News: घर-गृहस्थी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए मसाला और चाय जैसे ब्रांडेड खाद्य उत्पादों के स्टॉल भी लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि शेष दो दिनों में जबरदस्त भीड़ उमड़ेगी।
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Varanasi News: बड़ा लालपुर स्थित दीनदयाल हस्तकला संकुल (टीएफसी) में आयोजित “इंडिया इंटरनेशनल मेगा ट्रेड फेयर” ने पूर्वांचल के लोगों के बीच जबरदस्त पैठ बना ली है। मेले में अब दो दिन शेष बचे हैं।
इसके कारण प्रतिदिन 4000 से अधिक खरीदार पहुंच रहे हैं, जिससे लाखों की खरीदारी हो रही है। स्थिति यह है कि बनारस के लोगों के लिए यह मेला खरीदारी का केंद्र बनने के साथ ही एक बेहतरीन फैमिली पिकनिक स्पॉट भी बन चुका है।
इस मेगा ट्रेड फेयर में देश-दुनिया के नायाब उत्पादों का संगम देखने को मिल रहा है। अभी तक 30 हजार से अधिक लोग यहां अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। स्थानीय लोगों के बीच विदेशी उत्पादों का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा है, वहीं भारतीय पारंपरिक शिल्पकला को भी खूब सराहा जा रहा है।
मेले के मुख्य आकर्षणों में भदोही के विश्वप्रसिद्ध पाकीजा कालीन और गुजरात की गांधी खादी शामिल हैं। महिलाओं के बीच बुटीक के लेटेस्ट कलेक्शन, ज्वेलर्स के आकर्षक आभूषण और कश्मीरी सूट व साड़ियों की भारी मांग देखी जा रही है। इसके अलावा, दुबई के खुशबूदार परफ्यूम और किचन अप्लायंसेज के स्टॉल पर भी काफी भीड़ उमड़ रही है।
सरस मेले में 47 स्टाल यूपी के
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में एनआरएलएम के ओर से लगे सरस मेले में 9 दिनों में 109 महिलाओं ने 56 लाख का कारोबार किया है। काशी में सजे इस मेले में लघु भारत की तस्वीर दिखाई दे रही है, जहां हर राज्य की संस्कृति, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पाद एक ही मंच पर उपलब्ध हैं।
इसमें 13 प्रदेशों के समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री की जा रही है। मेले में सबसे अधिक 47 स्टाल उत्तर प्रदेश की लखपति दीदियों के हैं, वहीं दूसरा स्थान ओडिशा का है। मेले में कुल 109 स्टाल लगे हैं, जिनमें विभिन्न उत्पाद बिक्री के लिए शामिल हैं।