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जांच कराने वालों की बढ़ी रफ्तार, किट का संकट बरकरार
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वाराणसी। जिले में जैसे-जैसे कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे जांच कराने वालों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। हालत यह है कि सरकारी और निजी अस्पतालों में जांच केंद्रों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। कुछ जगहों पर तो दोपहर तक आरटीपीसीआर किट खत्म होने के बाद इंतजार करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट पर कोरोना जांच की जा रही है। इसके अलावा निजी अस्पताल, जांच लैब में भी जांच हो रही है। सर्दी, खांसी, जुकाम होने पर लोग खुद भी कोविड टेस्ट के लिए अस्पताल जा रहे हैं। हालत यह है कि 9 बजे शुरू होने वाले जांच के लिए बहुत से लोग सुबह 7 बजे ही पहुंच जा रहे हैं। पिछले सात-आठ दिनों से जांच की संख्या भी बढ़ी है। पहले 5 से 6 हजार एक दिन में जांच होती थी, जो बढ़कर 7 हजार पहुंच गई थी। अब तीन दिन से स्वास्थ्य केंद्रों पर आरटी पीसीआर किट दोपहर तक खत्म हो जा रही है, जिसकी वजह से लोगों को एक से दूसरे अस्पताल का चक्कर काटना पड़ रहा है। इस वजह से जांच भी कम होने लगी हैं। बृहस्पतिवार को ही पहड़िया निवासी एक शिक्षक अपने परिवार को लेकर आर टीपीसीआर जांच कराने पहाड़िया स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। किट न होने की वजह से उन्हें वापस आना पड़ा। बहुत देर बाद किसी तरह ईएसआई अस्पताल में जांच हो पाई। हालांकि इस तरह के हालात ग्रामीण इलाकों के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी है। एंटीजन से जांच तो हो जा रही है लेकिन आरटीपीसीआर नहीं हो पा रही है। लंका स्थित एक निजी अस्पताल में भी आरटीपीसीआर किट खत्म होने से जांच न होने का नोटिस चस्पा रहा। ऐसे में लोगों को लौटना पड़ा।
7 दिन में जांच का आंकड़ा
9 अप्रैल 6453
10 अप्रैल 6939
11 अप्रैल 7215
12 अप्रैल 7447
13 अप्रैल 7184
14 अप्रैल 6370
15 अप्रैल 5541
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों के साथ ही रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, एयरपोर्ट पर कोरोना जांच की जा रही है। इसके अलावा निजी अस्पताल, जांच लैब में भी जांच हो रही है। सर्दी, खांसी, जुकाम होने पर लोग खुद भी कोविड टेस्ट के लिए अस्पताल जा रहे हैं। हालत यह है कि 9 बजे शुरू होने वाले जांच के लिए बहुत से लोग सुबह 7 बजे ही पहुंच जा रहे हैं। पिछले सात-आठ दिनों से जांच की संख्या भी बढ़ी है। पहले 5 से 6 हजार एक दिन में जांच होती थी, जो बढ़कर 7 हजार पहुंच गई थी। अब तीन दिन से स्वास्थ्य केंद्रों पर आरटी पीसीआर किट दोपहर तक खत्म हो जा रही है, जिसकी वजह से लोगों को एक से दूसरे अस्पताल का चक्कर काटना पड़ रहा है। इस वजह से जांच भी कम होने लगी हैं। बृहस्पतिवार को ही पहड़िया निवासी एक शिक्षक अपने परिवार को लेकर आर टीपीसीआर जांच कराने पहाड़िया स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। किट न होने की वजह से उन्हें वापस आना पड़ा। बहुत देर बाद किसी तरह ईएसआई अस्पताल में जांच हो पाई। हालांकि इस तरह के हालात ग्रामीण इलाकों के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी है। एंटीजन से जांच तो हो जा रही है लेकिन आरटीपीसीआर नहीं हो पा रही है। लंका स्थित एक निजी अस्पताल में भी आरटीपीसीआर किट खत्म होने से जांच न होने का नोटिस चस्पा रहा। ऐसे में लोगों को लौटना पड़ा।
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7 दिन में जांच का आंकड़ा
9 अप्रैल 6453
10 अप्रैल 6939
11 अप्रैल 7215
12 अप्रैल 7447
13 अप्रैल 7184
14 अप्रैल 6370
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