मिर्जापुर से वाराणसी तक गंगा में बढ़ी ऑक्सीजन की मात्रा, बंद हुए नाले और गंगा में प्रवाह ने कम की प्रदूषकों की मात्रा
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काशी में गंगाजल में प्रदूषण की मात्रा लगातार कम हो रही है। लॉकडाउन के बाद गंगा में बढ़ते प्रदूषण के बीच जनवरी से गंगाजल में सुधार से नमामि गंगे ने भी राहत की सांस ली है। मिर्जापुर से लेकर बलिया तक गंगाजल की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है। प्रदूषण में कमी आने के साथ ही घुलनशील आक्सीजन की मात्रा बढ़ने से नदी विज्ञानियों में भी खुशी है।
मिर्जापुर से बनारस तक गंगा में गिरने वाले नालों को बंद करने और जलस्तर बढ़ने से गंगाजल में सुधार नजर आ रहा है। वाराणसी में अप स्ट्रीम नगवां में गंगा में घुलनशील आक्सीजन की मात्रा नौ के ऊपर पहुंच गई है। वहीं डाउनस्ट्रीम में डीओ 8.2 तक पहुंच गया है।
जनवरी के शुरुआती सप्ताह से लेकर 21 जनवरी तक उपलब्ध आंकड़ों की बात करें तो गंगाजल की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है। गंगा में घुलनशील आक्सीजन, बीओडी, फीकल कॉलीफार्म और पीएच की मात्रा मानकों के हिसाब से जनवरी के पहले सप्ताह से ही लगातार सुधर रही है।
नगवां से गंगा काशी के घाटों की ओर प्रवेश करती हैं और डाउनस्ट्रीम गंगा वरुणा संगम से गाजीपुर से बलिया की ओर बढ़ती हैं। वरुणा के नाले बंद होने से वरुणा की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। इससे गंगाजल की गुणवत्ता में सुधार हुआ है। अप और डाउन स्ट्रीम पर गंगा की गुणवत्ता में सुधार की रोजाना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से गंगाजल की गुणवत्ता की लाइव रिपोर्ट रोजाना नमामि गंगे को भेजा जा रहा है।
एसटीपी कर रहे बेहतर काम, परिणाम उत्साहजनक
बीएचयू के प्रख्यात नदी विज्ञानी प्रो. बीडी त्रिपाठी का कहना है कि गंगाजल की गुणवत्ता में सुधार होने का मतलब है कि गंगा बेसिन में बने सभी एसटीपी बेहतर काम कर रहे हैं। गंगाजल को प्रदूषित करने वाले कारकों में सीवेज प्रमुख हैं। बेहतर गुणवत्ता परिणाम से पता चल रहा है नेशनल मिशन फार क्लीन गंगा के लिए यह परिणाम उत्साहजनक हैं।
मिर्जापुर से वाराणसी के बीच गंगा में गिरने वाले नालों को बंद किया गया है। वहीं गंगा का जलस्तर बढने से भी प्रदूषकों की मात्रा कम हुई है। शहर में गिरने वाले दो दर्जन से अधिक नालों को बंद कर दिया गया है। वहीं वरुणा के 11 नाले भी पूरी तरह से बंद हैं।
कालिका सिंह, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार
21 जनवरी पीएच डीओ बीओडी
अपस्ट्रीम 8.15 9.2
डाउनस्ट्रीम 8.22 8.2
20 जनवरी पीएच डीओ बीओडी
अपस्ट्रीम 8.26 9.1
डाउनस्ट्रीम 8.14 8.2
19 जनवरी पीएच डीओ बीओडी
अपस्ट्रीम 8.28 9.3
डाउनस्ट्रीम 8.13 8.1
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18 जनवरी पीएच डीओ बीओडी फीकल कॉलीफार्म
अपस्ट्रीम 8.3 9.5 1.8 1100
डाउनस्ट्रीम 8.12 8.5 3.2 17000
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17 जनवरी पीएच डीओ बीओडी फीकल कॉलीफार्म
अपस्ट्रीम 8.21 9 2.1 1300
डाउनस्ट्रीम 8.27 8.4 3.3 17000
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16 जनवरी पीएच डीओ बीओडी फीकल कॉलीफार्म
अपस्ट्रीम 8.26 8.6 2.5 1400
डाउनस्ट्रीम 8.32 7.9 3.6 21000
मिर्जापुर (साप्ताहिक)
19 जनवरी पीएच डीओ बीओडी
पांटून ब्रिज चुनार 8.42 8.5
डाउनस्ट्रीम 8.53 7.9
अपस्ट्रीम विंध्याचल 8.32 9.1
11 जनवरी पीएच डीओ बीओडी फीकल कॉलीफार्म
पांटून ब्रिज चुनार 8.45 8.7 3.3 14000
डाउनस्ट्रीम 8.55 7.7 4 22000
अपस्ट्रीम विंध्याचल 8.35 9 2.5 1700