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होम आइसोलेशन वालों की बढ़ी निगरानी, कंट्रोल रूम से ले रहे फीडबैक
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वाराणसी। जिले में कोरोना संक्रमित होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को खुद की सेहत की निगरानी करते रहने की सलाह दी गई है। साथ ही ऑक्सीजन लेवल 95 से नीचे आने पर इसकी जानकारी तुरंत कोविड कंट्रोल रूम को देने को कहा गया है।
जिले में कोरोना के एक्टिव 11 हजार मरीजों में 80 से 90 प्रतिशत से अधिक मरीज होम आइसोलेशन में हैं। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को कंट्रोल रूम से आने वाले फोन पर आक्सीजन की जानकारी देनी चाहिए। बताया कि रेलवे, बस स्टेशन सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में टीम लगाकर जांच की जा रही हैं। प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एनपी सिंह ने बताया कि मरीजों को हर दिन कंट्रोल रूम से फोनकर उनके सेहत का फीडबैक लिया जा रहा है। इस बीच गुजरात पंजाब दिल्ली से आने वाले प्रवासियों की संख्या भी बढ़ी है।
होम आइसोलेशन में करते रहे आक्सीजन जांच, मास्क भी जरूरी
रैपिड रेस्पान्स टीम के नोडल प्रभारी डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने के दौरान मास्क लगाकर रहना जरूरी है, जिससे घर के अन्य सदस्य प्रभावित न हों। घरों से बाहर न निकलें। घरों में सबसे दूरी बनाकर अलग रहें। पल्स ऑक्सीमीटर साथ रखें और ऑक्सीजन लेवल की जानकारी लेते रहना चाहिए। ऑक्सीजन लेवल 95 से नीचे या सेहत में उतार चढ़ाव या गड़बड़ी हो तो इसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नंबर 1077 पर देनी चाहिए। टैबलेट एजीथ्रोमायसिन 500 एमजी 1 रोज, टैबलेट जेंकोविट 1 रोज, टैबलेट विटामिन सी 1 रोज, बुखार आने पर टैबलेट पैरासिटमऑल 500 एमजी दिन में 3 बार तथा टैब आइवर्मेक्टिन 12 एमजी लगातार तीन दिन तक अवश्य लें।
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होम आइसोलेशन में ये बरतें सावधानी
थर्मामीटर से अपने शरीर के तापमान को भी नापते रहें।
अपने मोबाइल में होम आइसोलेशन और आरोग्य सेतु एप जरूर डाउनलोड करें।
प्रोटीन का सेवन करें।
मिर्च और मशाला से दूर रहें। सादा एवं संतुलित भोजन करें।
आयुर्वेदिक काढ़ा का भी प्रयोग करते रहें।
होम आइसोलेशन में 17 दिन तक रहना है। कमरे में 10 दिन तक रहें। 10 दिन के बाद 7 दिन तक कोविड नियमों का पालन करते हुये रूम के बाहर टहल सकते हैं।
हाथों को समय-समय पर धुलते रहें।
बुजुर्गों व बच्चों को घर से बाहर न जाने दें।
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जिले में कोरोना के एक्टिव 11 हजार मरीजों में 80 से 90 प्रतिशत से अधिक मरीज होम आइसोलेशन में हैं। जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को कंट्रोल रूम से आने वाले फोन पर आक्सीजन की जानकारी देनी चाहिए। बताया कि रेलवे, बस स्टेशन सहित अन्य सरकारी अस्पतालों में टीम लगाकर जांच की जा रही हैं। प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर एनपी सिंह ने बताया कि मरीजों को हर दिन कंट्रोल रूम से फोनकर उनके सेहत का फीडबैक लिया जा रहा है। इस बीच गुजरात पंजाब दिल्ली से आने वाले प्रवासियों की संख्या भी बढ़ी है।
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होम आइसोलेशन में करते रहे आक्सीजन जांच, मास्क भी जरूरी
रैपिड रेस्पान्स टीम के नोडल प्रभारी डॉ. राहुल सिंह ने बताया कि होम आइसोलेशन में रहने के दौरान मास्क लगाकर रहना जरूरी है, जिससे घर के अन्य सदस्य प्रभावित न हों। घरों से बाहर न निकलें। घरों में सबसे दूरी बनाकर अलग रहें। पल्स ऑक्सीमीटर साथ रखें और ऑक्सीजन लेवल की जानकारी लेते रहना चाहिए। ऑक्सीजन लेवल 95 से नीचे या सेहत में उतार चढ़ाव या गड़बड़ी हो तो इसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नंबर 1077 पर देनी चाहिए। टैबलेट एजीथ्रोमायसिन 500 एमजी 1 रोज, टैबलेट जेंकोविट 1 रोज, टैबलेट विटामिन सी 1 रोज, बुखार आने पर टैबलेट पैरासिटमऑल 500 एमजी दिन में 3 बार तथा टैब आइवर्मेक्टिन 12 एमजी लगातार तीन दिन तक अवश्य लें।
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होम आइसोलेशन में ये बरतें सावधानी
थर्मामीटर से अपने शरीर के तापमान को भी नापते रहें।
अपने मोबाइल में होम आइसोलेशन और आरोग्य सेतु एप जरूर डाउनलोड करें।
प्रोटीन का सेवन करें।
मिर्च और मशाला से दूर रहें। सादा एवं संतुलित भोजन करें।
आयुर्वेदिक काढ़ा का भी प्रयोग करते रहें।
होम आइसोलेशन में 17 दिन तक रहना है। कमरे में 10 दिन तक रहें। 10 दिन के बाद 7 दिन तक कोविड नियमों का पालन करते हुये रूम के बाहर टहल सकते हैं।
हाथों को समय-समय पर धुलते रहें।
बुजुर्गों व बच्चों को घर से बाहर न जाने दें।