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न छुट्टी मिली न रुका तबादला, इनकम टैक्स इंस्पेक्टर ने गंगा में लगाई छलांग
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 18 Oct 2017 02:16 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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आयकर विभाग के इंस्पेक्टर यादवेंद्र प्रताप सिंह (51) ने मंगलवार की दोपहर वाराणसी में विश्व सुंदरी पुल से गंगा में छलांग लगा कर जान दे दी। सूचना पाकर पहुंची लंका और रामनगर थाने की पुलिस सीमा विवाद में उलझ गई।
अंतत: रामनगर पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। उधर, यादवेंद्र की आत्महत्या की जानकारी मिलते ही उनके साथी कर्मचारियों ने मकबूल आलम रोड स्थित कार्यालय में कामकाज ठप कर गुस्सा जताया।
कर्मचारियों का आरोप था कि आयुक्त के उत्पीड़न की वजह से यादवेंद्र ने आजिज आकर आत्महत्या की है। हार्ट और पेट संबंधी गंभीर बीमारी होने के कारण यादवेंद्र ने अपना तबादला न करने की गुहार लगाई थी और वो छुट्टी मांग रहे थे, मगर आयुक्त उनकी सुनने को तैयार नहीं थे।
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चौबेपुर थाना अंतर्गत बभनपुरा के मूल निवासी और शिवपुर क्षेत्र के साईं धाम कॉलोनी में रहने वाले यादवेंद्र प्रताप सिंह वर्ष 1988 में आय कर विभाग में तैनात हुए थे। साईं धाम कॉलोनी में यादवेंद्र की पत्नी और एक बेटी रहती हैं जबकि बेटा हरिओम सिंह एयरफोर्स में नौकरी करता है।
परिवारीजनों के अनुसार मंगलवार को यादवेंद्र का भतीजा सुंदरम उन्हें उनके कार्यालय छोड़ा था। इसके बाद से वे अपने परिवार के लोगों से फोन पर लगातार संपर्क में थे।
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अंतत: रामनगर पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। उधर, यादवेंद्र की आत्महत्या की जानकारी मिलते ही उनके साथी कर्मचारियों ने मकबूल आलम रोड स्थित कार्यालय में कामकाज ठप कर गुस्सा जताया।
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कर्मचारियों का आरोप था कि आयुक्त के उत्पीड़न की वजह से यादवेंद्र ने आजिज आकर आत्महत्या की है। हार्ट और पेट संबंधी गंभीर बीमारी होने के कारण यादवेंद्र ने अपना तबादला न करने की गुहार लगाई थी और वो छुट्टी मांग रहे थे, मगर आयुक्त उनकी सुनने को तैयार नहीं थे।
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चौबेपुर थाना अंतर्गत बभनपुरा के मूल निवासी और शिवपुर क्षेत्र के साईं धाम कॉलोनी में रहने वाले यादवेंद्र प्रताप सिंह वर्ष 1988 में आय कर विभाग में तैनात हुए थे। साईं धाम कॉलोनी में यादवेंद्र की पत्नी और एक बेटी रहती हैं जबकि बेटा हरिओम सिंह एयरफोर्स में नौकरी करता है।
परिवारीजनों के अनुसार मंगलवार को यादवेंद्र का भतीजा सुंदरम उन्हें उनके कार्यालय छोड़ा था। इसके बाद से वे अपने परिवार के लोगों से फोन पर लगातार संपर्क में थे।
फोन पर बोली यह आखिरी बात...
तलाश करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
मोबाइल पर बात दौरान न जाने कब वो विश्व सुंदरी पुल पर पहुंच गए और वहां भी खड़े होकर काफी देर तक मोबाइल से बात किए और बोल रहे थे कि सारी गलती हमारी है। हम माफी मांग रहे हैं और यही कहते हुए उन्होंने गंगा में छलांग लगा दी।
यादवेंद्र को छलांग लगाता देख नीचे मौजूद मल्लाह रामबली ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन सफल न हुआ। उधर, यादवेंद्र को खोजते हुए रामनगर थाने पहुंचे उनके चचेरे भाई देवी प्रसाद सिंह उर्फ पप्पू ने बताया कि वो बीते एक हफ्ते से काफी तनाव थे।
इस संबंध में थानाध्यक्ष रामनगर ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिवार के लोग यदि घटना के संबंध में तहरीर देंगे तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, आय कर विभाग के कर्मचारियों के आरोपों पर प्रधान आय कर आयुक्त सुनील माथुर ने कहा कि उन्हें नहीं ध्यान है कि छुट्टी और तबादले संबंधी यादवेंद्र प्रताप सिंह ने कोई आवेदन पत्र उन्हें दिया था। इसे देख कर स्पष्ट किया जाएगा।
यादवेंद्र को छलांग लगाता देख नीचे मौजूद मल्लाह रामबली ने उन्हें बचाने की कोशिश की लेकिन सफल न हुआ। उधर, यादवेंद्र को खोजते हुए रामनगर थाने पहुंचे उनके चचेरे भाई देवी प्रसाद सिंह उर्फ पप्पू ने बताया कि वो बीते एक हफ्ते से काफी तनाव थे।
इस संबंध में थानाध्यक्ष रामनगर ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिवार के लोग यदि घटना के संबंध में तहरीर देंगे तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, आय कर विभाग के कर्मचारियों के आरोपों पर प्रधान आय कर आयुक्त सुनील माथुर ने कहा कि उन्हें नहीं ध्यान है कि छुट्टी और तबादले संबंधी यादवेंद्र प्रताप सिंह ने कोई आवेदन पत्र उन्हें दिया था। इसे देख कर स्पष्ट किया जाएगा।