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बनारस में रुद्रा समूह के कार्यालय पर आयकर विभाग का छापा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Sun, 02 Dec 2018 10:39 AM IST
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कानपुर में भार्गव हॉस्पिटल के मालिक डॉ. शक्ति भार्गव और संजीव भार्गव से कारोबारी रिश्ता होने की खबर के बाद आयकर विभाग की टीम ने एक साथ रुद्रा समूह के कानपुर स्थित आवास, बनारस, लखनऊ के कार्यालयों में छापेमारी कर जरूरी दस्तावेजों की जांच की। इधर छापेमारी से रुद्रा समूह से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा है।
बनारस में लहुराबीर स्थित कार्यालय पर आयकर विभाग की टीम पहुंची और फ्लैट की खरीद, बिक्री, जमीन से जुड़े कागजातों, बैंक खातों के साथ ही कंप्यूटर में दर्ज रिकार्डों की जांच की। मौके पर मौजूद लोगों से भी टीम के अधिकारियों ने पूछताछ की।
सूत्रों की माने तो बनारस स्थित कार्यालय पर पुलिस फोर्स के साथ पहुंची करीब दस सदस्यीय टीम ने कार्यालय से अंदर-बाहर जाने पर रोक लगा दिया। इसके बाद एक-एक कर कंप्यूटर में दर्ज रिकार्ड, मौके पर मिले कागजातों की जांच की।
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अभी हालांकि अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि जांच के बाद कर चोरी सहित कई गड़बड़ियां सामने आ सकती हैं। कानपुर में आयकर विभाग की टीम ने देर शाम को शहर के बिल्डर व रुद्रा समूह के मालिक अनूप अग्रवाल के ठिकानों पर छापेमारी की शुरूआत की।
आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि डॉ. शक्ति भार्गव ने स्काई लाइन निर्माण प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में करीब आठ करोड़ रुपये का निवेश किया है, लेकिन डॉ. भार्गव यह नहीं बता सके कि इस रकम का स्रोत क्या है। इन्होंने इतनी रकम किस तरह से जुटाई है।
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बनारस में लहुराबीर स्थित कार्यालय पर आयकर विभाग की टीम पहुंची और फ्लैट की खरीद, बिक्री, जमीन से जुड़े कागजातों, बैंक खातों के साथ ही कंप्यूटर में दर्ज रिकार्डों की जांच की। मौके पर मौजूद लोगों से भी टीम के अधिकारियों ने पूछताछ की।
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सूत्रों की माने तो बनारस स्थित कार्यालय पर पुलिस फोर्स के साथ पहुंची करीब दस सदस्यीय टीम ने कार्यालय से अंदर-बाहर जाने पर रोक लगा दिया। इसके बाद एक-एक कर कंप्यूटर में दर्ज रिकार्ड, मौके पर मिले कागजातों की जांच की।
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अभी हालांकि अधिकारी कुछ भी कहने को तैयार नहीं है लेकिन माना जा रहा है कि जांच के बाद कर चोरी सहित कई गड़बड़ियां सामने आ सकती हैं। कानपुर में आयकर विभाग की टीम ने देर शाम को शहर के बिल्डर व रुद्रा समूह के मालिक अनूप अग्रवाल के ठिकानों पर छापेमारी की शुरूआत की।
आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि डॉ. शक्ति भार्गव ने स्काई लाइन निर्माण प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में करीब आठ करोड़ रुपये का निवेश किया है, लेकिन डॉ. भार्गव यह नहीं बता सके कि इस रकम का स्रोत क्या है। इन्होंने इतनी रकम किस तरह से जुटाई है।
बिलों की पड़ताल कर रहे अफसर
स्काई लाइन निर्माण प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में शहर के बिल्डर अनूप अग्रवाल की भी भागीदारी है। इस कनेक्शन में अफसरों ने अनूप अग्रवाल के प्रतिष्ठानों पर जांच शुरू कर दी। माना जा रहा है कि इनकी ओर से कई और बेनामी संपत्तियों पर निवेश किया गया है।
इधर, आयकर विभाग की दूसरे दिन की जांच में डॉक्टर बंधुओं के तीन बैंकों में सात लॉकर पता चले हैं। तीन लॉकर बैंक ऑफ बड़ौदा में, दो-दो लॉकर इलाहाबाद और कोटक महिंद्रा बैंक में हैं। इन लॉकरों को अभी खोला नहीं गया है।
संभवत: सोमवार को बैंक खुलने पर इनकी जांच की जाएगी। इसके अलावा डॉक्टर बंधुओं के घर से करीब 28 लाख नकदी और 50 लाख रुपये की ज्वैलरी मिली है। इनमें से कुछ ज्वैलरी के दस्तावेज भी हैं।
अफसर बिलों की पड़ताल कर रहे हैं। आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि डॉ. शक्ति भार्गव ने जांच में बिलकुल भी सहयोग नहीं किया। तबियत खराब होने की बात कहकर सवालों के जवाब नहीं दिए।
इधर, आयकर विभाग की दूसरे दिन की जांच में डॉक्टर बंधुओं के तीन बैंकों में सात लॉकर पता चले हैं। तीन लॉकर बैंक ऑफ बड़ौदा में, दो-दो लॉकर इलाहाबाद और कोटक महिंद्रा बैंक में हैं। इन लॉकरों को अभी खोला नहीं गया है।
संभवत: सोमवार को बैंक खुलने पर इनकी जांच की जाएगी। इसके अलावा डॉक्टर बंधुओं के घर से करीब 28 लाख नकदी और 50 लाख रुपये की ज्वैलरी मिली है। इनमें से कुछ ज्वैलरी के दस्तावेज भी हैं।
अफसर बिलों की पड़ताल कर रहे हैं। आयकर विभाग के सूत्रों ने बताया कि डॉ. शक्ति भार्गव ने जांच में बिलकुल भी सहयोग नहीं किया। तबियत खराब होने की बात कहकर सवालों के जवाब नहीं दिए।