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बीएचयू: गायन विभाग में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का उद्घाटन, संगीत को बताया नेचुरल ईको, भारतीय संस्कृति पर आधारित है नई शिक्षा नीति
Tue, 05 Oct 2021 12:46 AM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Tue, 05 Oct 2021 12:46 AM IST
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काशी हिंदू विश्वविद्यालय।
- फोटो : अमर उजाला।
बीएचयू संगीत एवं मंच कला संकाय के गायन विभाग में तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबिनार के पहले दिन प्रतिभागियों को संगीत शिक्षा प्रणाली से जुड़ी जानकारी दी गई। बतौर मुख्य अतिथि राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पं. साहित्य कुमार नाहर ने कहा कि नई शिक्षा नीति मुख्य रूप से भारतीय संस्कृति पर आधारित है। ऐसे में सभी की जिम्मेदारी है कि संस्कृति की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहें।
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विश्वविद्यालय संगीत शिक्षा प्रणाली और नई शिक्षा नीति 2020 : युवा पीढ़ी के शिक्षकों की दृष्टि और विचार विषयक वेबिनार में प्रो. नाहर ने संस्थागत शिक्षा पद्धति के अंतर्गत पाठ्यक्रम के सुधार के विषय में विश्वविद्यालयों की भागीदारी एवं भूमिका पर चर्चा की। विशिष्ट अतिथि उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के पूर्व कार्यक्रम अधिकारी अतुल द्विवेदी ने पाठ्यक्रम में लोक संगीत के समावेश की बात कही। जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा के पूर्व कुलपति प्रो. हरिकेश सिंह ने संगीत को कॉस्मिक एनर्जी बताते हुए ब्रम्ह नाद से आत्मनाद एवं आत्मलय के विकास की बात की और इसे नेचुरल ईको बताया।
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अध्यक्षता कर संगीत मंच कला संकाय के प्रमुख प्रो. के शशि कुमार ने संगीत को समग्र विकास का उपकरण बताते हुए पाठ्यक्रम विकास करने का सुझाव दिया। स्वागत प्रो. संगीता पंडित, संचालन प्रो. रेवती साकलकर, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रामशंकर ने किया। इस दौरान प्रो. राजेश शाह, प्रो. बिरेंद्र नाथ मिश्र, प्रो. शारदा वेलंकर, डॉ. ज्ञानेश पांडेय, प्रो. विधि नागर आदि मौजूद रहे।
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