{"_id":"5782ad8e4f1c1b4b507fadda","slug":"in-trying-to-unite-muslims-kaumi-ekta-dal","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट करने की कोशिश में कौएद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुस्लिम मतदाताओं को एकजुट करने की कोशिश में कौएद
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 11 Jul 2016 01:48 AM IST
विज्ञापन
राजनीति
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विधानसभा चुनाव के लिए सूबे में मुस्लिम वोटों के लिए सियासी गठजोड़ की कोशिशें तेज हो गई हैं। कौमी एकता दल (कौएद), पीस पार्टी और आल इंडिया मजलिस-ए- इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) एक साथ मिलकर चुनाव लड़ने की कवायद में भी जुट गए हैं। इस बीच सपा में विलय की संभावनाएं समाप्त होने के बाद कौमी एकता दल (कौएद) संगठन को मजबूत कर रही है।
पार्टी 14 अगस्त को सुल्तानपुर में स्थापना दिवस मनाएगी। हैदराबाद के फायर ब्रांड सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने यूपी की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया है। इससे मुस्लिम प्रभाव वाले दलों की चिंता बढ़ गई है। सपा से धोखा खाने के बाद कौएद मुस्लिम नेताओं को एकजुट करने में जुट गई है। कौएद का वाराणसी और आजमगढ़ मंडल समेत पूर्वांचल के करीब बीस जिलों में प्रभाव है। गाजीपुर के पूर्व सांसद और कौएद के मुखिया अफजाल अंसारी के भाई मुख्तार अंसारी और सिगतुल्लाह पार्टी से विधायक हैं।
विधानसभा चुनाव की तैयारी के मद्देनजर कौएद ने संगठन को मजबूत करने के साथ ही समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन की कोशिशें भी शुरू कर दी हैं। अफजाल का कहना है कि समान विचारधारा वाले कई दलों से बातचीत चल रही है। बातचीत सफल रही तो महागठबंधन होगा। वहीं पीस पार्टी के मुखिया डॉ. अयूब कहते हैं कि कौएद, एआईएमआईएम समेत दलों से बातचीत की पुष्टि करते हुए कहते हैं कि बिहार की तर्ज पर यूपी में भी भाजपा के खिलाफ महागठबंधन बनना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
पार्टी 14 अगस्त को सुल्तानपुर में स्थापना दिवस मनाएगी। हैदराबाद के फायर ब्रांड सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम ने यूपी की सभी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया है। इससे मुस्लिम प्रभाव वाले दलों की चिंता बढ़ गई है। सपा से धोखा खाने के बाद कौएद मुस्लिम नेताओं को एकजुट करने में जुट गई है। कौएद का वाराणसी और आजमगढ़ मंडल समेत पूर्वांचल के करीब बीस जिलों में प्रभाव है। गाजीपुर के पूर्व सांसद और कौएद के मुखिया अफजाल अंसारी के भाई मुख्तार अंसारी और सिगतुल्लाह पार्टी से विधायक हैं।
विज्ञापन
विधानसभा चुनाव की तैयारी के मद्देनजर कौएद ने संगठन को मजबूत करने के साथ ही समान विचारधारा वाले दलों से गठबंधन की कोशिशें भी शुरू कर दी हैं। अफजाल का कहना है कि समान विचारधारा वाले कई दलों से बातचीत चल रही है। बातचीत सफल रही तो महागठबंधन होगा। वहीं पीस पार्टी के मुखिया डॉ. अयूब कहते हैं कि कौएद, एआईएमआईएम समेत दलों से बातचीत की पुष्टि करते हुए कहते हैं कि बिहार की तर्ज पर यूपी में भी भाजपा के खिलाफ महागठबंधन बनना चाहिए।
विज्ञापन