फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   in the memory of manu sharma his story gives message of peace

स्मृति शेष: शांति के लिए युद्ध का संदेश देने वाले साहित्यकार थे मनु शर्मा

Thu, 09 Nov 2017 02:52 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Thu, 09 Nov 2017 02:52 PM IST
विज्ञापन
in the memory of manu sharma his story gives message of peace
सौ कहानियों और सात हजार से अधिक कविताएं रचीं - फोटो : अमर उजाला
‘युद्ध के तल बदल जाएंगे, वजहें बदल जाएंगी, लेकिन युद्ध जारी रहेगा जीवन पर्यंत। मानवता के लिए अगर युद्ध अनिवार्य हो जाए तो भागो मत। उसे टालो मत। शांति के लिए युद्ध अनिवार्य है...।’ महाभारत के दौरान अपनों को सामने देख हताश-निराश अर्जुन को कृष्ण ने युद्ध के लिए प्रेरित किया था। उस गीता सार को आधुनिक संदर्भों में साहित्यकार पद्मश्री मनु शर्मा ने इसी तरह व्याख्यायित किया है।
विज्ञापन


उनके उपन्यास ‘कृष्ण की आत्मकथा’ में कृष्ण कहते हैं- ‘लड़ना जीवन के भीतर की एक ‘अर्ज’ है, एक जरूरत। जब तक जीवन है, तब तक किसी न किसी तरह का युद्ध जारी रहेगा।’ आठ खंडों में प्रकाशित ‘कृष्ण की आत्मकथा’ उनका सर्वाधिक चर्चित उपन्यास है। भारतीय भाषाओं में तीन हजार पृष्ठों का यह उनका सबसे बड़ा उपन्यास है।
विज्ञापन


कलियुग में कृष्ण के चरित्र को नए संदर्भों में प्रतिबिंबों, मानकों के जरिए उन्होंने इस उपन्यास में संवेदनात्मक विस्तार दिया है। उन्होंने 18 उपन्यास, सौ कहानियां और सात हजार से अधिक कविताओं की रचना की।
विज्ञापन
विज्ञापन


हिंदी गौरव से सम्मानित साहित्यकार डॉ. जितेंद्र नाथ मिश्र कहते हैं कि स्वतंत्रता के बाद के भारतीय समाज और साहित्य की हर धड़कन को गहराई के साथ महसूस करने वाले तथा उसे अपनी रचनाओं के माध्यम से चित्रित करने वाले वह विलक्षण प्रतिभा के धनी रचनाकार थे। वे नए रचनाकारों के सहज अभिभावक और मार्गदर्शक भी थे। उनके व्यक्तित्व में परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत समन्वय था।

पद्मश्री मनु शर्मा जटिल जीवन संघर्षों के बीच आगे बढ़े थे। जमीन से जुड़े लोगों के प्रति खासकर पिछड़े, शोषित, पीड़ितों के प्रति उनमें गहरी संवेदना थी। अपनी रचनाओं के माध्यम से उनको न्याय दिलाने के लिए वह सतत संघर्षशील रहे। उनके निधन से जो रिक्तता पैदा हुई है उसे भरा नहीं जा सकता।

वरिष्ठ समालोचक प्रो. चौथीराम यादव ने कहा कि पौराणिक, ऐतिहासिक प्रसंगों पर उन्होंने बेहद संजीदा साहित्य रचा। इसके लिए वह हमेशा याद किए जाएंगे। वे जितने बड़े लेखक थे उतने ही बड़े मनुष्य थे। यह कहना बड़ा मुश्किल होगा कि उनके भीतर का लेखक बड़ा था या उनके भीतर का मनुष्य। 

सहज लेखन के कारण आम पाठकों तक पहुंचे मनु शर्मा

in the memory of manu sharma his story gives message of peace
समाज और साहित्य की हर धड़कन को गहराई से महसूस करने वाले रचनाकार थे मनु - फोटो : अमर उजाला
ख्यात लेखक मनु शर्मा के देहावसान की सूचना से ही उन्हें और उनके साहित्य को जानने-समझने वाले शोकाकुल हो उठे। बुधवार को शहर भर में विभिन्न संस्थाओं और लोगों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

नव गीतकार ओम धीरज ने कहा कि आत्मकथात्मक उपन्यासों की परंपरा में महाभारतकालीन पात्रों के माध्यम से युगीन यथार्थ, सांस्कृतिक बोध के साथ सुगम पठनीयता बरकरार रखते हुए लिखने में मनु शर्मा को महारत हासिल थी। वस्तुत: आम पाठकों में इनकी लोकप्रियता के कारण ही रेलवे बुक स्टॉलों तक इनकी कृतियां दिखाई पड़ती थीं जबकि तमाम समकालीन रचनाकारों की पहुंच महज लाइब्रेरियों तक ही सीमित थी।

विश्व भोजपुरी संघ ने मैदागिन कार्यालय में बैठक कर साहित्यकार मनु शर्मा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा की। संस्था के महासचिव डॉ. अपूर्व नारायण तिवारी, रामगोपाल, बच्चेलाल, जितेंद्र नाथ सिंह ने विचार व्यक्त किए। हरिश्चंद्र इंटरमीडिएट कॉलेज में प्रधानाचार्य त्रिलोकी नाथ पांडेय की अध्यक्षता में डॉ. रेनू सिंह, दिलीप अग्रवाल आदि ने अपने विचार रखे।

महानगर उद्योग व्यापार मंडल के सदस्यों पदाधिकारियों ने हथुआ मार्केट में बैठक कर उन्हें याद किया। मंडल अध्यक्ष प्रेम मिश्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में श्रीनारायण खेमका, अशोक जायसवाल, गोकुल शर्मा, सुरेश तुलस्यान, सोमनाथ विश्वकर्मा आदि मौजूद रहे। वहीं, वाराणसी विकास समिति एवं इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की बैठक में आरके चौधरी ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed