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कला प्रदर्शनी में दिखी गंगा जमुनी तहजीब
अमर उजाला ब्यूराो
Updated Tue, 30 Jun 2015 02:08 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू दृश्य कला संकाय की अहिवासी कला दीर्घा में सोमवार को मानो पूरा बनारस ही समा गया हो। कहीं घाटों की मस्ती थी तो कहीं गंगा की आरती का मनोरम दृश्य। गंगा जमुनी तहजीब की नजीर भी इस कला दीर्घा में नजर आई। अहिवासी कला दीर्घा में आयोजित क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी में पूर्वांचल भर के कलाकारों की कृतियों ने जैसे मन मोह लिया। पेंटिंग्स ही नहीं ग्राफिक्स, फोटोग्राफी के साथ ही मूर्ति शिल्प भी ऐसे थे जहां हर किसी की नजरें टिकी की टिकी रह जा रही थीं।
राज्य ललित कला अकादमी और दृश्य कला संकाय की ओर से आयोजित पांच दिवसीय इस क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी में 69 कलाकारों की कृतियां प्रदर्शित की गईं। मूर्ति शिल्प के जरिए कलाकारों ने जीवन चक्र में बेहतरीन ढंग से पेश किया। वहीं पेंटिंग्स में घाटों के मनोरम दृश्य के साथ ही छठ, रामनगर की रामलीला को भी बेहद खूबसूरती से उतारा गया। फटे पुराने कपड़ों, सिक्कों और ताश के पत्तों के जरिए घाट किनारे जुए में बर्बाद हो रहे बचपन को भी बेहतरीन कलाकारी के साथ पेश किया गया। इफ्तेखार खान, सुधीर
केसरवानी, अजय उपासनी, आशीष कुमार गुप्ता, जनेंद्र मिश्र, शिवपूजन प्रसाद, श्रेया अग्रवाल सहित कई कलाकारों की कृतियों ने इस प्रदर्शनी में चार चांद लगा दिया। प्रदर्शनी का उद्घाटन कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर चार वरिष्ठ अध्यापकों को सम्मानित भी किया गया जिसमें प्रो. जयशंकर मिश्र, प्रो. प्रेमचंद्र विश्वकर्मा, वेद प्रकाश मिश्र और महेंद्र सिंह नीलम शामिल रहे। हालांकि प्रो. जयशंकर मिश्र अस्वस्थ होने की वजह से मौजूद नहीं थे। अतिथियों का स्वागत संकाय प्रमुख प्रो. हीरालाल प्रजापति ने किया। इस अवसर पर डॉ. मृदुला सिन्हा, डॉ. शिवनाथ राम, विजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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राज्य ललित कला अकादमी और दृश्य कला संकाय की ओर से आयोजित पांच दिवसीय इस क्षेत्रीय कला प्रदर्शनी में 69 कलाकारों की कृतियां प्रदर्शित की गईं। मूर्ति शिल्प के जरिए कलाकारों ने जीवन चक्र में बेहतरीन ढंग से पेश किया। वहीं पेंटिंग्स में घाटों के मनोरम दृश्य के साथ ही छठ, रामनगर की रामलीला को भी बेहद खूबसूरती से उतारा गया। फटे पुराने कपड़ों, सिक्कों और ताश के पत्तों के जरिए घाट किनारे जुए में बर्बाद हो रहे बचपन को भी बेहतरीन कलाकारी के साथ पेश किया गया। इफ्तेखार खान, सुधीर
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केसरवानी, अजय उपासनी, आशीष कुमार गुप्ता, जनेंद्र मिश्र, शिवपूजन प्रसाद, श्रेया अग्रवाल सहित कई कलाकारों की कृतियों ने इस प्रदर्शनी में चार चांद लगा दिया। प्रदर्शनी का उद्घाटन कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर चार वरिष्ठ अध्यापकों को सम्मानित भी किया गया जिसमें प्रो. जयशंकर मिश्र, प्रो. प्रेमचंद्र विश्वकर्मा, वेद प्रकाश मिश्र और महेंद्र सिंह नीलम शामिल रहे। हालांकि प्रो. जयशंकर मिश्र अस्वस्थ होने की वजह से मौजूद नहीं थे। अतिथियों का स्वागत संकाय प्रमुख प्रो. हीरालाल प्रजापति ने किया। इस अवसर पर डॉ. मृदुला सिन्हा, डॉ. शिवनाथ राम, विजय सिंह आदि मौजूद रहे।
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