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काशी में अब ‘नाव क्लीनिक’
ब्यूरो, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 30 Jan 2016 01:46 AM IST
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गंगा किनारे रहने वाले लोगों के अलावा घाट पर आने वाले हजारों पर्यटकों, श्रद्धालुओं के लिए अब नाव में क्लीनिक के जरिए चिकित्सा की चौबीस घंटे सुविधा दी जाएगी। इसके लिए हरिद्वार के हंस फाउंडेशन ने गंगा में बोट एंबुलेंस उतार दी है। करीब 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली इको फ्रेंडली बोट एंबुलेंस गंगा में किसी भी तरह के हादसे की जानकारी मिलते ही मदद के लिए चटपट पहुंच जाएगी। इसमें दो चिकित्सकों के अलावा दो पैरामेडिकल स्टाफ समेत छह लोग शामिल होंगे। इस बोट एंबुलेंस से लाए जाने वाले मरीजों को नजदीकी अस्पतालों में मोबाइल आईसीयू वैन से भेजा जाएगा। इस सेवा की शुरुआत 31 जनवरी को फाउंडेशन के संस्थापक भोलेजी महाराज और माता मंगला जी के हाथों होगा।
रीवा घाट और गंगा महल घाट की सिल्ट सफाई कराने वाले हंस फाउंडेशन ने अब इसे सजाने-संवारने का काम शुरू कर दिया है। घाट को साफ-सुथरा रखने के लिए सफाई कर्मियों की तैनाती करने के साथ ही वहां फूल गमले लगाए जा रहे हैं।
12 डस्टबिन भी रखवा दिए गए हैं, ताकि किसी तरह की गंदगी घाट की फर्श और सीढ़ियों पर न फैलने पाए। घाट की टूटी सीढ़ियों की भी मरम्मत कराई जा रही है, ताकि वहां आने वाले पर्यटकों को घूमने या कुछ पल गुजारने में किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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अस्सी घाट के बाद अब यह काशी का दूसरा चमकता घाट नजर आएगा। इसके साथ ही फाउंडेशन ने गंगा तट पर आने वाले पर्यटकों, श्रद्धालुओं और किनारे के रहने वालों के लिए नाव पर क्लीनिक की सुविधा देने का भी वादा पूरा कर दिया। बोट क्लीनिक गंगा में उतार दी गई। इसके अलावा एक आईसीयू की सुविधा वाले सचल चिकित्सा वाहन को भी काशीवासियों को फाउंडेशन ने समर्पित कर दिया।
सचल चिकित्सा वाहन में स्ट्रैचर के अलावा आक्सीजन सिलेंडर की भी सुविधा रहेगी। रीवा घाट पर शुक्रवार की दोपहर 12 बजे फाउंडेशन की प्रतिनिधि विधु शर्मा ने बोट क्लीनिक के अलावा सचल चिकित्सा वाहन की सेवा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सुविधा गंगा किनारे रहने वाले काशीवासियों के लिए 24 घंटे मुफ्त दी जाएगी। इसके लिए जल्द ही फाउंडेशन एक टोल फ्री नंबर जारी करेगा। इस नंबर पर सूचना मिलते ही बोट एंबुलेंस मौके पर पहुंच जाएगी।
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रीवा घाट और गंगा महल घाट की सिल्ट सफाई कराने वाले हंस फाउंडेशन ने अब इसे सजाने-संवारने का काम शुरू कर दिया है। घाट को साफ-सुथरा रखने के लिए सफाई कर्मियों की तैनाती करने के साथ ही वहां फूल गमले लगाए जा रहे हैं।
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12 डस्टबिन भी रखवा दिए गए हैं, ताकि किसी तरह की गंदगी घाट की फर्श और सीढ़ियों पर न फैलने पाए। घाट की टूटी सीढ़ियों की भी मरम्मत कराई जा रही है, ताकि वहां आने वाले पर्यटकों को घूमने या कुछ पल गुजारने में किसी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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अस्सी घाट के बाद अब यह काशी का दूसरा चमकता घाट नजर आएगा। इसके साथ ही फाउंडेशन ने गंगा तट पर आने वाले पर्यटकों, श्रद्धालुओं और किनारे के रहने वालों के लिए नाव पर क्लीनिक की सुविधा देने का भी वादा पूरा कर दिया। बोट क्लीनिक गंगा में उतार दी गई। इसके अलावा एक आईसीयू की सुविधा वाले सचल चिकित्सा वाहन को भी काशीवासियों को फाउंडेशन ने समर्पित कर दिया।
सचल चिकित्सा वाहन में स्ट्रैचर के अलावा आक्सीजन सिलेंडर की भी सुविधा रहेगी। रीवा घाट पर शुक्रवार की दोपहर 12 बजे फाउंडेशन की प्रतिनिधि विधु शर्मा ने बोट क्लीनिक के अलावा सचल चिकित्सा वाहन की सेवा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सुविधा गंगा किनारे रहने वाले काशीवासियों के लिए 24 घंटे मुफ्त दी जाएगी। इसके लिए जल्द ही फाउंडेशन एक टोल फ्री नंबर जारी करेगा। इस नंबर पर सूचना मिलते ही बोट एंबुलेंस मौके पर पहुंच जाएगी।