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जयंती के जश्न में डूबा संत रविदास का बेगमपुरा
ब्यूरो, अमर उजाला वाराणसी
Updated Sun, 21 Feb 2016 02:09 AM IST
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संत रविदास जन्म स्थान पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के चेयरमैन और डेरा सच्चखंड बल्लां के गद्दीनशीन संत निरंजन दास महाराज शनिवार की शाम बेगमपुरा एक्सप्रेस से हजारों अनुयायियों के साथ काशी पहुंच गए। इसी के साथ रविदास जयंती की धूम मच गई और चहुंदिशि जश्न का माहौल बन गया है।
डेरा सच्च खंड बल्लां के संत निरंजनदास महाराज के ठहरने की व्यवस्था मंदिर में ही की गई है। देर रात उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के मद्देनजर तैयारियों की समीक्षा की। पुजारी मंदीप दास ने मेला क्षेत्र के अलावा मुख्य समारोह स्थल और मंदिर की तैयारियों से उन्हें विस्तार से अवगत कराया।
इससे पहले कैंट स्टेशन पर पुजारी मंदीप दास, ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी सत्यपाल विरदी, निरंजन दास चीमा समेत सैकड़ों भक्तों ने उनकी अगवानी की। रविवार की शाम नगवा स्थित रविदास पार्क में दीपदान के साथ जयंती महोत्सव का आगाज होगा। मेला क्षेत्र में लगे शिविरों में भक्तों की भीड़ उमड़ने से जगह नहीं रह गई है।
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संत रविदास की 639 वीं जयंती पर हाजिरी लगाने के लिए देर रात तक देश के कोने-कोने से रविदासिया संतों, भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। उनका मकसद है सामाजिक गैर बराबरी को हमेशा के लिए मिटाना।
लुधियाना से आए गुल्लाराज ने बताया कि पंजाब में जात-पात नहीं है लेकिन यूपी में अभी भी समाज ऊंच-नीच के भेद का शिकार हो रहा है। संत रविदास की जयंती पर इसलिए हम अधिक से अधिक तादाद में आ रहे हैं कि लोगों को हमारी ताकत का एहसास हो सके। होशियारपुर के बलबीर सिंह का भी यही कहना है।
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डेरा सच्च खंड बल्लां के संत निरंजनदास महाराज के ठहरने की व्यवस्था मंदिर में ही की गई है। देर रात उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगमन के मद्देनजर तैयारियों की समीक्षा की। पुजारी मंदीप दास ने मेला क्षेत्र के अलावा मुख्य समारोह स्थल और मंदिर की तैयारियों से उन्हें विस्तार से अवगत कराया।
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इससे पहले कैंट स्टेशन पर पुजारी मंदीप दास, ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी सत्यपाल विरदी, निरंजन दास चीमा समेत सैकड़ों भक्तों ने उनकी अगवानी की। रविवार की शाम नगवा स्थित रविदास पार्क में दीपदान के साथ जयंती महोत्सव का आगाज होगा। मेला क्षेत्र में लगे शिविरों में भक्तों की भीड़ उमड़ने से जगह नहीं रह गई है।
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संत रविदास की 639 वीं जयंती पर हाजिरी लगाने के लिए देर रात तक देश के कोने-कोने से रविदासिया संतों, भक्तों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। उनका मकसद है सामाजिक गैर बराबरी को हमेशा के लिए मिटाना।
लुधियाना से आए गुल्लाराज ने बताया कि पंजाब में जात-पात नहीं है लेकिन यूपी में अभी भी समाज ऊंच-नीच के भेद का शिकार हो रहा है। संत रविदास की जयंती पर इसलिए हम अधिक से अधिक तादाद में आ रहे हैं कि लोगों को हमारी ताकत का एहसास हो सके। होशियारपुर के बलबीर सिंह का भी यही कहना है।