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UP News: मणिकर्णिका घाट पर एक समय पर जलीं दोनों डॉक्टरों की चिताएं, चार महीने में हुईं दो बड़ी घटनाएं
Tue, 30 Jun 2026 12:20 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Tue, 30 Jun 2026 12:20 PM IST
सार
Varanasi News: आईएमएस बीएचयू में चार महीने में दो रेजिडेंट ने जान गंवाई। डॉ. सत्या ने चार महीने पहले इंसुलिन की ओवरडोज ले ली थी। जिसकी मौत इलाज के दौरान 28 जून को हुई। वहीं डॉक्टर ऋत्विक कुंदू ने 28 जून को हाथ में इंजेक्शन की ओवरडोज लेकर जान दे दी।
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जूनियर डॉक्टर ऋत्विक कुंदू की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आईएमएस बीएचयू में जान गंवाने वाले दोनों जूनियर डॉक्टर का अंतिम संस्कार सोमवार को मणिकर्णिका घाट पर किया गया। दोनों के परिजनों के साथ ही बीएचयू के रेजिडेंट डॉक्टर मौजूद रहे। चार महीने में ऐसी दो घटनाएं हुई, जिसमें जूनियर डॉक्टरों ने दवाइयों का ओवरडोज लेकर जान दी है।
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बिहार निवासी डॉ. सत्या (25) ने इसी साल 14 मार्च को सामनेघाट में किराए के कमरे में इंसुलिन की ओवरडोज ले ली थी। उसका इलाज बीएचयू के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के आईसीयू में चल रहा था। तीन बार उसकी डायलिसिस हो चुकी थी। लिहाजा चार महीने तक जिंदगी से जूझने के बाद 28 जून की देर रात दम तोड़ दिया।
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सोमवार को डॉ. सत्या के परिजनों ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करवाने के बाद मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार कर दिया। इसी बीच कोलकाता निवासी जूनियर डॉक्टर ऋत्विक कुंदू (26) ने 28 जून को हाथ में इंजेक्शन की ओवरडोज लेकर जान दे दी।
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सूचना मिलने के बाद पिता दीपक कुमार और परिवार के अन्य सदस्य 28 की रात से कोलकाता से रवाना हो चुके थे। सोमवार सुबह डॉ. ऋत्विक का भी पोस्टमार्टम कराया गया। परिजन उसके शव को लेकर मणिकर्णिका घाट पहुंचे। यहां अंतिम संस्कार किया गया। कुंदू के परिजन अभी वाराणसी में ही हैं।
फुटबॉल का शौकीन था ऋत्विक, कभी कुछ बताया नहीं
आइएमएस बीएचयू रेजिडेंट डॉक्टर वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. अंबुज सहित अन्य डॉक्टर भी एनीस्थिीसिया के डॉ. ऋत्विक के कदम से हैरान हैं। डॉ. अंबुज ने दुख व्यक्त किया कि अकसर कामकाज के दौरान ऋत्विक से मुलाकात होती थी। पढ़ाई, मरीजों की सेवा से जो भी समय बचता था, उसमें फुटबॉल खेलता था। किसी तरह की समस्या के बारे में कोई चर्चा नहीं की। मंगलवार को आईएमएस के रेजिडेंट की ओर से दोनों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
आइएमएस बीएचयू रेजिडेंट डॉक्टर वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. अंबुज सहित अन्य डॉक्टर भी एनीस्थिीसिया के डॉ. ऋत्विक के कदम से हैरान हैं। डॉ. अंबुज ने दुख व्यक्त किया कि अकसर कामकाज के दौरान ऋत्विक से मुलाकात होती थी। पढ़ाई, मरीजों की सेवा से जो भी समय बचता था, उसमें फुटबॉल खेलता था। किसी तरह की समस्या के बारे में कोई चर्चा नहीं की। मंगलवार को आईएमएस के रेजिडेंट की ओर से दोनों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।