IMS BHU: अब वयस्क मरीज भी करवा सकेंगे बोन मैरो ट्रांसप्लांट, पूर्वांचल पहला चिकित्सा संस्थान बना आईएमएस
बोन मैरो ट्रांसप्लांट करवाने वाले मरीजों को अब इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। आईएमएस बीएचयू में वयस्क मरीजों के लिए यह व्यवस्था कर दी गई है। अस्पताल में हर महीने दो ट्रांसप्लांट कराया जायेगा।
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आईएमएस बीएचयू में अब वयस्क मरीजों का भी बोन मैरो ट्रांसप्लांट होगा। ट्रामा सेंटर कैंपस स्थित बोन मैरो ट्रांसप्लांट एवं स्टेम सेल रिसर्च सेंटर (बीएमटी )में 53 वर्षीय महिला का सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया गया।
करीब 20 दिन अस्पताल में रहने के बाद उसको 26 जून को डिस्चार्ज किया जाएगा। इसके साथ ही इस तरह की सुविधा देने वाला आईएमएस बीएचयू पूर्वांचल का पहला चिकित्सा संस्थान बन गया।
बीएचयू ट्रामा सेंटर परिसर स्थित बीएमटी में अब तक केवल बच्चों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट होता था, लेकिन अब ब्लड कैंसर से जूझ रहे वयस्क यानी 18 वर्ष से अधिक उम्र वाले मरीजों का भी ट्रांसप्लांट कराया जा सकेगा। इस सुविधा के बीएचयू में शुरू होने से वाराणसी सहित पूर्वांचल के कई जिलों के साथ ही बिहार,झारखंड आदि जगहों से आने वाले मरीजों को इलाज के लिए लखनऊ और दिल्ली तक नहीं भटकना पड़ेगा।
पांच जून को हुआ ट्रांसप्लांट, 20 दिन बाद डिस्चार्ज होगी मरीज
आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रोफेसर एसएन संखवार ने बताया कि ट्रामा सेंटर परिसर स्थित बोन मैरो ट्रांसप्लांट एवं स्टेम सेल रिसर्च सेंटर में 5 जून को 53 वर्षीय महिला को भर्ती किया गया, जो मल्टीपल मायलोमा नामक रक्त कैंसर से ग्रसित थी। मरीज को शुरू में कीमोथेरेपी दी गई।
इसके बाद 5 जून को स्टेम सेल इन्फ्यूजन किया गया। लगभग दो सप्ताह बाद, मरीज का बोन मैरो इन्ग्राफ्टमेंट सफलतापूर्वक हुआ और 26 जून को उसे स्वस्थ अवस्था में डिस्चार्ज किया जाएगा। बताया कि अब यह सुविधा नियमित रूप से मिलती रहेगी। इस पहल से पूर्वांचल के साथ-साथ बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से आने वाले मरीजों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। इससे कैंसर जैसी बीमारी से लड़ना अब पहले से कहीं अधिक संभव और सुलभ हो सकेगा।
बोले निदेशक- डॉक्टरों की टीम ने किया बेहतर प्रयास,हर महीने होगा दो ट्रांसप्लांट
निदेशक ने बताया कि महिला के ट्रांसप्लांट में बोन मैरो ट्रांसप्लांट सेंटर के प्रभारी प्रो. (डॉ.) केके गुप्ता के साथ ही अन्य डॉक्टरों का प्रयास रहा। बताया कि आचार्य प्रभारी ट्रॉमा सेंटर के प्रभावशाली प्रशासनिक सहयोग का इस उपलब्धि में अहम योगदान रहा। अब हर महीने दो ट्रांसप्लांट कराया जायेगा।
इसके अलावा टीम में मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. ललित प्रशांत मीना, डॉ. निलेश कुमार, पैथालॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. नीरज धमेजा, डॉ. अरुण कुमार सिंह, डॉ. अभिषेक मौर्य, डॉ. श्रुति मिश्र के साथ ही नर्सिंग स्टाफ, वार्ड ब्वॉय और अन्य लोगों का सहयोग रहा।