वाराणसी: 80 के दशक में इस तरह किया हेर-फेर, सरकारी जमीन पर बना दिया अस्पताल और अपार्टमेंट
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भले ही प्रदेश सरकार सरकारी जमीनों को लेकर गंभीर है, मगर वाराणसी प्रशासन अपनी जमीनों को भूला पड़ा है। वाराणसी शहर के सबसे समृद्ध इलाके महमूरगंज में सरकारी रिकार्ड में दर्ज बंजर जमीन पर निजी अस्पताल और अपार्टमेंट बना लिया गया।
महमूरगंज में करीब सात बीघा जमीन बंजर के रूप में दर्ज है। सरकारी दस्तावेजों में इस पर जिला प्रशासन का मालिकाना हक है। इसके बावजूद जमीन पर कब्जा कर लिया गया और उस पर अपार्टमेंट व अस्पताल का निर्माण कर लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, फसली तक में महमूरगंज की जमीन दर्ज है। 80 के दशक में सरकारी अधिकारियों की शह पर कब्जा कराया गया। बाकायदा इस जमीन के बैनामे की प्रक्रिया की गई। सबसे अहम बात यह है कि फर्जी कागजों के आधार पर इसे दस्तावेजों में चढ़ाने की कोशिश की गई। मगर, सरकारी दस्तावेजों में बदलाव नहीं हुआ और जमीन का मालिकाना हक सरकार का रहा।
अवैध निर्माण भी हुआ
भूमाफिया ने अफसरों की शह पर सरकारी जमीन पर बनाए गए अस्पताल और अपार्टमेंट तो बनवाया ही, अवैध निर्माण भी कराया गया। वीडीए की ओर से पहले इसके ध्वस्तीकरण आदेश भी पारित किया है। मगर, इसके बाद कार्रवाई नहीं की गई।
एक्टिव नहीं है एंटी भूमाफिया सेल
वाराणसी में शासन की ओर से बनाए गए एंटी भूमाफिया सेल एक्टिव नहीं है। यही कारण है कि टॉप टेन भूमाफिया की सूची तो बनाई, मगर उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि महमूरगंज में सरकारी जमीन पर कब्जा कर निजी अस्पताल और अपार्टमेंट बनाए जाने की जानकारी मिली है। सीआरओ से इसकी जांच रिपोर्ट मांगी गई है।