{"_id":"5bd2b61abdec226975788bff","slug":"illegal-cracker-business-in-varanasi-district","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"वाराणसी में पांच को लाइसेंस, पांच सौ से अधिक करते हैं पटाखों का अवैध धंधा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसी में पांच को लाइसेंस, पांच सौ से अधिक करते हैं पटाखों का अवैध धंधा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 26 Oct 2018 08:21 PM IST
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पटाखों की दुकान
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वाराणसी जिले में पटाखे बेचने और भंडारण करने का लाइसेंस सिर्फ पांच फर्मों को मिला हुआ है। जेनिथ एजेंसी, साबिर अली की हिंदुस्तान फायर वर्क और तरुण मोटवानी की चार फर्म का लाइसेंस आगरा स्थित संयुक्त मुख्य विस्फोटक नियंत्रक कार्यालय से और एक लाइसेंस दिलीप मोटवानी की फर्म का डीएम कार्यालय से जारी हुआ है।
इसके अलावा पटाखों के बेचने और भंडारण का स्थायी लाइसेंस किसी अन्य के पास नहीं है। इससे पहले 25 फर्मों के पटाखे बेचने और भंडारण करने का लाइसेंस वर्ष 2010 में डीएम ने निरस्त कर दिया था।
जिले में आतिशबाजी के शौकीन भलीभांति वाकिफ है कि पटाखे लेने हों तो दालमंडी, बेनियाबाग, नई सड़क, हड़हा, लल्लापुरा, पितरकुंडा, नदेसर, दोषीपुरा और लोहता क्षेत्र में आसानी से मिल जाएंगे। सूत्रों की मानी जाए तो बारह महीने इस धंधे से तकरीबन पांच सौ अधिक लोग जुड़े रहते हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इन पर मेहरबान ही रहते हैं।
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वहीं, पटाखे बनाने के लिए शोरा, गंधक, पोटाश, लकड़ी के कोयले का चूरा और बारूद सहित अन्य केमिकल बनारस और इलाहाबाद से चोरीछिपे खरीद कर लाए जाते हैं। जब पटाखों के कारण कोई हादसा होता है तो पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आते हैं और अभियान चलाकर कार्रवाई का कोरम पूरा किया जाता है।
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इसके अलावा पटाखों के बेचने और भंडारण का स्थायी लाइसेंस किसी अन्य के पास नहीं है। इससे पहले 25 फर्मों के पटाखे बेचने और भंडारण करने का लाइसेंस वर्ष 2010 में डीएम ने निरस्त कर दिया था।
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जिले में आतिशबाजी के शौकीन भलीभांति वाकिफ है कि पटाखे लेने हों तो दालमंडी, बेनियाबाग, नई सड़क, हड़हा, लल्लापुरा, पितरकुंडा, नदेसर, दोषीपुरा और लोहता क्षेत्र में आसानी से मिल जाएंगे। सूत्रों की मानी जाए तो बारह महीने इस धंधे से तकरीबन पांच सौ अधिक लोग जुड़े रहते हैं, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इन पर मेहरबान ही रहते हैं।
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वहीं, पटाखे बनाने के लिए शोरा, गंधक, पोटाश, लकड़ी के कोयले का चूरा और बारूद सहित अन्य केमिकल बनारस और इलाहाबाद से चोरीछिपे खरीद कर लाए जाते हैं। जब पटाखों के कारण कोई हादसा होता है तो पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी हरकत में आते हैं और अभियान चलाकर कार्रवाई का कोरम पूरा किया जाता है।
पांच क्विंटल पटाखे बरामद, एक गिरफ्तार
बरामद पटाखा
- फोटो : amar ujala
लहरतारा में मकान में धमाके में तीन मौतों के बाद पुलिस और प्रशासन की नींद टूटी है। गुरुवार को चौक थाना क्षेत्र के राजादरवाजा में सीओ दशाश्वमेध अभिनव यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने फैसल खान के घर में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान डेढ़ लाख रुपये का पांच क्विंटल पटाखे बरामद कर फैसल को गिरफ्तार किया गया।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि सभी क्षेत्राधिकारियों और थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि अवैध तरीके से पटाखों की बिक्री और भंडारण करने वालों के खिलाफ रोजाना अभियान चलाकर कार्रवाई करें। इस संबंध में लापरवाही बरतने वाले क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष कार्रवाई की जद में आएंगे।
एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि सभी क्षेत्राधिकारियों और थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि अवैध तरीके से पटाखों की बिक्री और भंडारण करने वालों के खिलाफ रोजाना अभियान चलाकर कार्रवाई करें। इस संबंध में लापरवाही बरतने वाले क्षेत्राधिकारी और थानाध्यक्ष कार्रवाई की जद में आएंगे।
सूचना देने वालों को मिलेगा का इनाम
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वाराणसी के लहरतारा में पटाखा बनाने के दौरान हुए हादसे के बाद प्रशासन कागजी खानापूर्ति में जुट गया है। डीएम ने सभी मजिस्ट्रेट को क्षेत्रवार अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इसमें शहर में पटाखा बनाने और भंडारण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई को कहा गया है।
डीएम ने घोषणा की है कि अवैध पटाखा कारोबार की सूचना देने वाले को 11 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। दीपावली पर जिले में 18 निर्धारित जगहों पर ही पटाखा बिक्री की अनुमति दी गई है। शहर में प्रतिबंध के बावजूद बड़े पैमाने पर पटाखों की बिक्री और भंडारण किया जाता है। ऐसा नहीं है कि प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है।
मगर, अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह कारोबार फल फूल रहा है। प्रशासन की ओर अस्थाई आतिशबाजी का लाइसेंस जारी किया जाता है। मगर, इससे महीनों पहले बड़े पैमाने पर पटाखा बनाने, बारुद भंडारण सहित इससे जुड़े काम शुरू हो जाते हैं। मगर, न तो इसकी निगरानी की जाती है और ना ही ऐसा करने वालों पर कार्रवाई होती है।
डीएम ने घोषणा की है कि अवैध पटाखा कारोबार की सूचना देने वाले को 11 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। दीपावली पर जिले में 18 निर्धारित जगहों पर ही पटाखा बिक्री की अनुमति दी गई है। शहर में प्रतिबंध के बावजूद बड़े पैमाने पर पटाखों की बिक्री और भंडारण किया जाता है। ऐसा नहीं है कि प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं है।
मगर, अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह कारोबार फल फूल रहा है। प्रशासन की ओर अस्थाई आतिशबाजी का लाइसेंस जारी किया जाता है। मगर, इससे महीनों पहले बड़े पैमाने पर पटाखा बनाने, बारुद भंडारण सहित इससे जुड़े काम शुरू हो जाते हैं। मगर, न तो इसकी निगरानी की जाती है और ना ही ऐसा करने वालों पर कार्रवाई होती है।